विधानसभा बजट सत्र में जमीन और अधिकारों का मुद्दा गरमाया, निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने उठाई बड़ी मांग
जयपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में महिला की दर्दनाक मौत। तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हुआ, चालक फरार। पुलिस जांच और CCTV फुटेज खंगालने की कार्रवाई जारी।
जयपुर : राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के बीच निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने अपने संबोधन में जमीन और अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उनके बयान के बाद सदन में इस विषय को लेकर गंभीर चर्चा की स्थिति बन गई।
विधायक यूनुस खान ने कहा कि जो लोग पाकिस्तान से भारत आए थे, उनके लिए पहले अधिनियम बनाकर उन्हें क्षतिपूर्ति के रूप में जमीनें दी गई थीं, लेकिन आज भी कई लोगों को उनके अधिकार पूरी तरह नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे लोगों को उचित हक दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और जरूरत पड़ने पर नई नीति या कानून बनाया जाए।
उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र डीडवाना का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि वहां बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध है। उनके अनुसार, जिन स्थानों से मुस्लिम समुदाय के लोग चले गए, वहां वर्तमान में हिंदू परिवार निवास कर रहे हैं और कई स्थानों पर पिछले 70 वर्षों से मंदिर भी स्थापित हैं। ऐसे में उन लोगों को कानूनी अधिकार दिए जाने की आवश्यकता है, जो लंबे समय से इन जमीनों पर काबिज हैं।
यूनुस खान ने यह भी बताया कि डीडवाना क्षेत्र में करीब 5049 बीघा जमीन इस प्रकार के विवाद या अधिकार से जुड़े मामलों में शामिल है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जाति और वर्ग से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर विचार किया जाए और एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर समाधान की दिशा में काम किया जाए।
अपने संबोधन में उन्होंने मंदिरों से जुड़े पुजारियों की मांगों का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार को उनकी समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने इस दिशा में अब तक किए गए कार्यों के लिए सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
इस मुद्दे के उठने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस पर विस्तृत विचार कर कोई ठोस निर्णय ले सकती है, जिससे लंबे समय से लंबित भूमि अधिकारों से जुड़े मामलों का समाधान हो सके।
Saloni Kushwaha 
