EO/RO भर्ती-2022 ब्लूटूथ नकल कांड, आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
EO/RO भर्ती-2022 ब्लूटूथ नकल कांड में जयपुर अदालत ने आरोपी की जमानत खारिज की। SOG जांच जारी, संगठित गिरोह और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल तेज।
जयपुर में स्वायत्त शासन विभाग की EO/RO भर्ती-2022 परीक्षा में ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। अदालत ने इस गंभीर मामले में आरोपी परीक्षार्थी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मामले में बीकानेर जिले के खारी-कालू गांव निवासी मितेश कुमार को अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज बी.एल. चंदेल की अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आना बाकी है, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मितेश कुमार को 12 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि 14 मई 2023 को आयोजित परीक्षा के दौरान वह कालेर गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था और ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल की जा रही थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी के मोबाइल सिम की लोकेशन परीक्षा केंद्र पर पाई गई और करीब 4736 सेकंड तक आउटगोइंग कॉल एक्टिव रही, जो नकल के लिए तकनीकी माध्यम के उपयोग की ओर इशारा करती है। इस पूरे घटनाक्रम से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
विशेष लोक अभियोजक बी.एस. चौहान ने राज्य सरकार और SOG की ओर से जमानत का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि यह संगठित तरीके से किया गया अपराध है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच अभी लंबित है।
अदालत के इस फैसले के बाद साफ संकेत मिलते हैं कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नकल के मामलों में सख्ती बरती जा रही है। SOG अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Saloni Kushwaha 
