राजस्थान की धार्मिक पहचान पर संकट? गलता जी विवाद सुर्खियों में
जयपुर के गलता जी मंदिर की बदहाली का मामला विधानसभा में उठा। 521 साल पुरानी परंपराओं पर असर, वेतन संकट और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल।
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल Galta Ji Temple इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था के आरोपों को लेकर चर्चा में है। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक Rafiq Khan ने सदन में मंदिर की स्थिति पर सवाल उठाते हुए देवस्थान विभाग को कटघरे में खड़ा किया।
सरकारी प्रशासक नियुक्ति के बाद बदली व्यवस्थाएं
विधायक ने आरोप लगाया कि मंदिर में प्रशासक की नियुक्ति के बाद से सदियों पुरानी परंपराओं पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि करीब 23 दिनों तक नियमित रूप से फूल-मालाएं अर्पित नहीं की जा सकीं, जिससे श्रद्धालुओं में नाराजगी है। उनके अनुसार, यह स्थिति 521 वर्ष पुरानी परंपराओं के विपरीत है, जिनके लिए गलता जी प्रसिद्ध रहा है।
राजभोग में कमी का दावा, आस्था पर ठेस की बात
सदन में यह भी मुद्दा उठाया गया कि भगवान के राजभोग में कटौती की गई है। विधायक ने इसे धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप न बताते हुए कहा कि पूजा-पद्धति में किसी भी प्रकार की कमी से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं।
कर्मचारियों का वेतन बकाया, धरने की नौबत
मंदिर से जुड़े लगभग 60 कर्मचारियों और पुजारियों को पिछले तीन-चार महीनों से वेतन न मिलने का दावा किया गया है। आर्थिक संकट के चलते कर्मचारियों द्वारा विरोध जताने की बात भी सामने आई है। इससे नियमित पूजा-अर्चना और व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पवित्र कुंडों की सफाई पर भी सवाल
गलता जी अपने पवित्र कुंडों और प्राकृतिक जल स्रोतों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। आरोप है कि कुंडों में गंदगी जमा हो रही है, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
देवस्थान विभाग से जवाब की मांग
विपक्ष ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि मंदिर की व्यवस्थाएं सुधारी जा सकें और ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा बरकरार रहे। फिलहाल देवस्थान विभाग की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
Saloni Kushwaha 
