हनुमानगढ़ में दिल दहला देने वाली घटना, नशे में बेटे ने मां को पीट-पीटकर मार डाला
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक ऐसी घटना घटी है, जो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है। एक नशेड़ी बेटे ने अपनी मां की जान ले ली। द्रोपती देवी (58), जो जीवन भर अपने इकलौते बेटे महेंद्रपाल के सहारे जी रही थीं।
हनुमानगढ़। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक ऐसी घटना घटी है, जो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है। एक नशेड़ी बेटे ने अपनी मां की जान ले ली। द्रोपती देवी (58), जो जीवन भर अपने इकलौते बेटे महेंद्रपाल के सहारे जी रही थीं, उसी बेटे के हाथों बेरहमी से हत्या का शिकार हो गईं। शुक्रवार रात नशे में धुत महेंद्रपाल (35) ने पहले लाठी-डंडे से मां की पिटाई की, फिर पट्टी करवाने के बहाने उन्हें एमएमके नहर के किनारे ले जाकर धक्का दे दिया। घायल द्रोपती नहर में डूब गईं, और बेटा मौके से फरार हो गया। अगली सुबह उनका शव 20 किलोमीटर दूर बहते पानी से मिला, जिस पर क्रूरता के निशान साफ झलक रहे थे।
परिजनों के अनुसार, द्रोपती देवी ने पहले ही एक बेटे को खो चुकी थीं और बाकी जिंदगी महेंद्रपाल के इशारे पर काट रही थीं। लेकिन नशे की लत ने सब कुछ तबाह कर दिया। पुलिस ने आरोपी का घर सील कर दिया है और छापेमारी तेज कर दी है। यह घटना न केवल एक परिवार का दर्द है, बल्कि नशे के खिलाफ समाज को झकझोरने वाली चेतावनी भी।

घटना का सिलसिला: रोते हुए फोन, चीखें और खामोशी
शुक्रवार रात करीब 10 बजे हनुमानगढ़ के एक छोटे से गांव में चैन की नींद सो रही द्रोपती देवी को अचानक बेटे का गुस्सा भड़क उठा। महेंद्रपाल, जो शराब और ड्रग्स के नशे में धुत था, मामूली बात पर मां से झगड़ा करने लगा। गुस्से में आकर उसने लाठी-फट्टी से उनकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। पड़ोसियों के अनुसार, घर से दर्दनाक चीखें गूंजने लगीं।
द्रोपती ने तड़पते हुए अपनी बहन को फोन किया और रोते हुए कहा, "बहन, महेंद्र मुझे मार रहा है... बचाओ!" लेकिन दूसरी तरफ से सिर्फ चीखें सुनाई दीं, और फिर फोन कट गया। बहन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक महेंद्र ने मां को 'पट्टी करवाने' के बहाने घर से निकाल लिया। वह उन्हें एमएमके नहर के किनारे ले गया, जहां क्रोध में आकर धक्का दे दिया। द्रोपती, जो पहले से घायल थीं, बहते पानी में डूब गईं। महेंद्र मौके से भाग निकला।
सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने नहर में तैरता शव देखा। शव 20 किलोमीटर दूर बह गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर, हाथ-पैरों पर गहरी चोटें और डूबने के निशान मिले। डॉक्टरों ने बताया, "चोटें इतनी गंभीर थीं कि मां पहले ही बेहोश हो चुकी थीं। नहर में धक्का अंतिम वार था।"
आरोपी का काला इतिहास: नशे की लत ने बर्बाद की जिंदगी
महेंद्रपाल (35) एक समय गांव का होनहार युवक था। लेकिन पिछले 5-6 सालों से शराब और ड्रग्स की लत ने उसे बर्बाद कर दिया। परिजनों ने बताया, "वह बेरोजगार था और रोज नशा करके घर आता। कई बार मां से मारपीट करता, लेकिन द्रोपती सब सह लेतीं। वे कहतीं, 'ये मेरा इकलौता बेटा है, सुधर जाएगा।'"
द्रोपती के पति की मौत के बाद उन्होंने खेती-बाड़ी कर महेंद्र को पाला। उनका एक बेटा बचपन में ही बीमारी से चल बसा था, इसलिए महेंद्र ही उनकी आखिरी उम्मीद था। लेकिन नशे ने उस उम्मीद को भी कुचल दिया। पुलिस के अनुसार, महेंद्र के खिलाफ पहले भी घरेलू हिंसा के केस दर्ज हैं, लेकिन परिवार ने सुलह करवा ली थी। अब हत्या का केस दर्ज हो गया है।
पुलिस कार्रवाई: घर सील, फरार आरोपी की तलाश
हनुमानगढ़ एसपी राजेश कुमार ने बताया, "आरोपी महेंद्रपाल फरार है। हमने उसके घर को सील कर दिया और मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रही हैं। नहर के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द गिरफ्तारी होगी।" पुलिस ने नशे के स्रोतों पर भी नजर रखी है।

