राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी के सरगना कंवरलाल की गिरफ्तारी

चार साल से फरार टॉप-25 अपराधी उदयपुर में दबोचा गया, मारवाड़–मेवाड़ नेटवर्क ध्वस्त

राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी के सरगना कंवरलाल की गिरफ्तारी
राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी के सरगना कंवरलाल की गिरफ्तारी

चार साल से फरार टॉप-25 अपराधी उदयपुर में दबोचा गया, मारवाड़–मेवाड़ नेटवर्क ध्वस्त

राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अफीम और डोडा तस्करी का कुख्यात सरगना कंवरलाल, जो पिछले चार वर्षों से फरार चल रहा था और राज्य के टॉप-25 वांछित अपराधियों में शामिल था, आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। 25 हजार रुपये के इनामी इस तस्कर को एटीएस–एएनटीएफ (ATS-ANTF) की संयुक्त टीम ने उदयपुर से गिरफ्तार किया।

मारवाड़ और मेवाड़ में फैला था तस्करी का जाल

जांच एजेंसियों के अनुसार कंवरलाल ने मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र के कई जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी का एक संगठित नेटवर्क खड़ा कर रखा था। मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं से अफीम और डोडा मंगवाकर वह अपने ठिकानों पर माल इकट्ठा करता था। इसके बाद रिश्तेदारों और भरोसेमंद सहयोगियों के माध्यम से इसे बाजार तक पहुंचाया जाता था।

कंवरलाल की खास रणनीति यह थी कि वह कभी भी ग्राहकों या सहयोगियों को सीधे अपने ठिकानों पर नहीं बुलाता था। वह खुद वाहन चलाकर माल की सप्लाई करता, ताकि किसी भी स्तर पर सुराग न मिले। इसी वजह से पुलिस को उसे पकड़ने में चार साल का लंबा समय लग गया।

अस्पताल में छिपा था, छद्म नाम से करवा रहा था इलाज

पुलिस को कंवरलाल तक पहुंचाने में मुखबिरों की सटीक सूचना और तकनीकी निगरानी ने अहम भूमिका निभाई। एटीएस-एएनटीएफ टीम को इनपुट मिला कि कंवरलाल उदयपुर के जेपी अस्पताल में इलाज के लिए आया हुआ है। चोटिल होने के कारण वह अस्पताल में भर्ती था और पहचान छुपाने के लिए छद्म नाम का इस्तेमाल कर रहा था।

सूचना मिलते ही टीम ने बिना देरी किए कार्रवाई की और अस्पताल परिसर से ही उसे हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में ही कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

परिवार तक फैला था आपराधिक नेटवर्क

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कंवरलाल ने अपने पूरे परिवार को तस्करी के धंधे में शामिल कर रखा था। भाई-भतीजों को कमीशन के आधार पर ग्राहकों तक मादक पदार्थ पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का बयान

इस कार्रवाई को लेकर विकास कुमार, महानिरीक्षक पुलिस ने बताया कि—

“कंवरलाल की गिरफ्तारी से मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी के संगठित गिरोह को बड़ा झटका लगा है। यह कार्रवाई एडीजी दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन और एटीएस-एएनटीएफ टीम की सटीक रणनीति का परिणाम है।”

उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी को मादक पदार्थ तस्करी या अपराध से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो एएनटीएफ कंट्रोल रूम को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल कंवरलाल से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े कई अन्य नाम और ठिकाने सामने आ सकते हैं। साथ ही, उसके नेटवर्क से जुड़े सहयोगियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।


चार साल से फरार और कानून को चुनौती दे रहा कंवरलाल अब सलाखों के पीछे है। यह गिरफ्तारी न सिर्फ राजस्थान पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक अहम मोड़ भी साबित हो सकती है।