जयपुर में इलाज की नई क्रांति, RUHS में शुरू होंगी मल्टी-स्पेशियलिटी OPD

जयपुर स्थित RUHS में 15 फरवरी से किडनी, हार्मोन, हृदय, न्यूरो और ब्लड संबंधी बीमारियों के लिए स्पेशियलिटी OPD शुरू हो रही है। एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर सप्ताह में 6 दिन मरीजों को परामर्श देंगे, जिससे हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

जयपुर में इलाज की नई क्रांति, RUHS में शुरू होंगी मल्टी-स्पेशियलिटी OPD
RUHS

राजस्थान में कैंसर समेत अन्य जटिल रोगों के बढ़ते मामलों के बीच राजधानी जयपुर से मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बड़े सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब उन्नत सुविधाओं के साथ विशेष ओपीडी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में Rajasthan University of Health Sciences (RUHS) ने मल्टी-स्पेशियलिटी ओपीडी शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे किडनी, लिवर, न्यूरो, ब्लड और हार्मोन संबंधी रोगों से जूझ रहे मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा।

15 फरवरी से सप्ताह में छह दिन चलेगी विशेष ओपीडी

RUHS प्रशासन के अनुसार 15 फरवरी से सप्ताह में छह दिन अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों को परामर्श देंगे। अब मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह सुविधा खास तौर पर बढ़ती मरीज संख्या और समय पर इलाज की जरूरत को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है।

एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ भी रहेंगे शामिल

इस नई व्यवस्था में Sawai Man Singh Hospital (SMS) के अनुभवी डॉक्टर भी भागीदारी करेंगे। नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, CTVS, एंडोक्राइनोलॉजी और अन्य विभागों के विशेषज्ञ तय दिन पर RUHS में ओपीडी संचालित करेंगे। इससे गंभीर बीमारियों के मरीजों को उच्च स्तरीय परामर्श का लाभ मिलेगा।

अलग-अलग दिन अलग क्लीनिक की सुविधा

  • ओपीडी का साप्ताहिक कार्यक्रम तय किया गया है।
  • सोमवार: रीनल क्लीनिक (किडनी व यूरिन संबंधी रोग)
  • मंगलवार: कार्डियक क्लीनिक (हृदय रोग)
  • बुधवार: नर्व क्लीनिक (न्यूरोलॉजी व न्यूरोसर्जरी)
  • गुरुवार: हार्मोन क्लीनिक (एंडोक्राइन व मेडिसिन)
  • शुक्रवार: पेन क्लीनिक (दर्द व पेलिएटिव केयर)

इसके अलावा हर महीने के पहले-दूसरे शनिवार को इम्यूनोलॉजी और तीसरे-चौथे शनिवार को हेमेटोलॉजी क्लीनिक संचालित होंगे, जहां ब्लड संबंधी बीमारियों का उपचार किया जाएगा।

मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई व्यवस्था से हजारों मरीजों को समय पर जांच, परामर्श और इलाज की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में गंभीर बीमारियों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।