करौली में ‘नशे की खेती’ पर करारा प्रहार, सरसों के बीच छिपी 2 करोड़ की अफीम जब्त
करौली जिले में पुलिस ने अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 6067 किलो हरे अफीम के पौधे जब्त किए। दो आरोपी गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सप्लाई नेटवर्क की जांच
राजस्थान के करौली जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कैला देवी थाना क्षेत्र के धौरेरा गांव के हार इलाके में सरसों की फसल की आड़ लेकर उगाई जा रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके से लगभग 6067 किलोग्राम हरे अफीम के पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर दबिश, खेतों में चल रहा था गुप्त खेल
जिले में चल रहे अभियान की निगरानी पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल कर रहे थे। इसी दौरान कैला देवी थानाधिकारी रामअवतार मीना को गोपनीय सूचना मिली कि कुछ लोग सामलाती जमीन पर प्रतिबंधित फसल उगा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खेतों की घेराबंदी की और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान सरसों की फसल के बीच बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे पाए गए।
मौके से दो आरोपी गिरफ्तार, साक्ष्य जुटाए गए
कार्रवाई के दौरान खेत में मौजूद दो लोगों को हिरासत में लिया गया। आरोपियों की पहचान चौरसिंह और मनकेश उर्फ पिंटू मीना के रूप में हुई है। पुलिस ने खेत की माप-जोख कर पंचनामा तैयार किया और साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई।
एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज, सप्लाई चैन की पड़ताल
जब्त पौधों को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध खेती कब से की जा रही थी और तैयार माल किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। संगठित नेटवर्क की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
भरतपुर रेंज में अब तक की बड़ी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध खेती के खिलाफ यह भरतपुर रेंज में करौली पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पिछले वर्षों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन इस बार की बरामदगी ने सख्त संदेश दिया है कि जिले में नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Saloni Kushwaha 
