महाशिवरात्रि के मौके पर राजस्थान के इस पांच मंदिरों में जरूर जाएं... हर मनोकामना होगी पूर्ण
महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर राजस्थान के प्राचीन शिव मंदिरों में होने वाली विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थलों की जानकारी, जहां श्रद्धालु आस्था के साथ भाग ले सकते हैं।
महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर राजस्थान के कई प्राचीन शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। राज्यभर में स्थित ये मंदिर अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्व के कारण भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हैं।
उदयपुर का चारमुखी शिव मंदिर
उदयपुर में स्थित यह मंदिर मेवाड़ राजघराने की आराध्य देवता के रूप में प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव चार मुखों वाले शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि पर मंदिर में विशेष श्रृंगार और रात्रि जागरण का आयोजन होता है।
अरावली पहाड़ियों का रहस्यमयी शिव मंदिर
अरावली की पहाड़ियों में स्थित यह मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं के लिए जाना जाता है। यहां शिवलिंग की जगह भगवान शिव के अंगूठे की पूजा की जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, शिवजी ने इसी अंगूठे से नंदीवर्धन पर्वत (माउंट आबू) को थाम रखा था।
पाली का परशुराम महादेव मंदिर
पाली जिले में पहाड़ों के बीच गुफा में स्थित यह मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने यहां कठोर तपस्या की थी। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इसे अक्सर 'राजस्थान का अमरनाथ' भी कहा जाता है।
घृष्णेश्वर और घुसृणेश्वर मंदिर
ये प्राचीन शिव धाम अपनी पौराणिक कथाओं के कारण प्रसिद्ध हैं। यहां सच्चे मन से पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु इन मंदिरों में भक्ति भाव से जलाभिषेक और रात्रि जागरण में भाग लेते हैं।
त्रिवेणी संगम का शिव मंदिर
माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर स्थित यह मंदिर आदिवासी आस्था का बड़ा केंद्र है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेला लगता है और दूर-दूर से भक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मुख्य आकर्षण यहां का स्वयं-भू शिवलिंग है, जिसे स्वयं प्रकट हुआ माना जाता है।
राजस्थान के ये प्राचीन शिव मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और भक्ति भाव का माहौल भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देता है।
Saloni Kushwaha 
