जयपुर में ट्रैफिक नियम तोड़े तो खैर नहीं, 20 से ज्यादा चालान होने पर लाइसेंस रद्द
राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कों पर अब मनमानी नहीं चलेगी। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने यातायात नियमों के बार-बार उल्लंघन करने वालों पर सख्ती का ऐलान किया है। अगर किसी वाहन चालक के नाम 20 से ज्यादा चालान हो गए।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कों पर अब मनमानी नहीं चलेगी। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने यातायात नियमों के बार-बार उल्लंघन करने वालों पर सख्ती का ऐलान किया है। अगर किसी वाहन चालक के नाम 20 से ज्यादा चालान हो गए, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज होगा। स्पेशल कमिश्नर ट्रैफिक राहुल प्रकाश ने साफ कहा है “जयपुर को हादसा मुक्त और ट्रैफिक जाम मुक्त बनाने के लिए अब कोई समझौता नहीं होगा।”
पिछले कुछ महीनों में ही ट्रैफिक पुलिस ने 30 से ज्यादा ऐसे चालकों के लाइसेंस रद्द कर कोर्ट में पेश किया है। ये चालक बार-बार बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे गंभीर अपराध करते पाए गए थे।
कौन से अपराधों पर सीधी कार्रवाई?
जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने खासतौर पर इन 5 गंभीर उल्लंघनों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है:
- बिना हेलमेट (दो पहिया वाहन)
- बिना सीट बेल्ट (चार पहिया वाहन)
- ओवर स्पीडिंग
- रेड लाइट जंपिंग / जेब्रा क्रॉसिंग उल्लंघन
- शराब पीकर वाहन चलाना
इनमें से किसी भी अपराध को बार-बार करने पर चालान के साथ लाइसेंस सस्पेंशन और कोर्ट केस तक की कार्रवाई होगी।
हाई-टेक निगरानी अब भागना मुश्किल
- शहर के प्रमुख चौराहों पर हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और स्पीड गन लगाए गए हैं।
- 50+ इंटरसेप्टर वाहन दिन-रात गश्त कर रहे हैं।
- शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के लिए ब्रेथ एनालाइजर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल।
- नई मोबाइल ऐप: ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर ही फोटो खींचकर अपलोड करते हैं, चालान तुरंत SMS और घर पर पहुंच जाता है।
अब तक की बड़ी कार्रवाई
- 30+ ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त
- 12 से ज्यादा चालकों पर FIR दर्ज
- लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया
- 2025 में अब तक 1.80 लाख से ज्यादा ई-चालान जारी
चुनौतियां भी कम नहीं
सख्ती के बावजूद जयपुर ट्रैफिक पुलिस को कई बड़ी चुनौतियां भी झेलनी पड़ रही हैं:
- सड़कों पर अतिक्रमण और ठेले-खोमचे
- हर साल 1 लाख से ज्यादा नए वाहन सड़क पर
- ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कमी (करीब 30% पद खाली)
- संसाधनों की कमी
फिर भी कमिश्नरेट का दावा है कि अगले 6 महीने में जयपुर को “ट्रैफिक डिसिप्लिन सिटी” बनाने का लक्ष्य पूरा होगा। स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने आम जनता से अपील की है – “सुरक्षा आपकी है, नियमों का पालन करें। एक जिम्मेदार नागरिक बनें, ताकि जयपुर की सड़कें सुरक्षित और सुगम रहें।”

