अरावली बचाने सड़क पर उतरी कांग्रेस, प्रदेशभर में पैदल मार्च, खनन नीति के खिलाफ जोरदार विरोध
राजस्थान के विभिन्न जिलों में कांग्रेस पार्टी ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर व्यापक आंदोलन छेड़ दिया है। ‘अरावली बचाओ’ अभियान के तहत प्रदेशभर में पैदल मार्च निकाले गए और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
जयपुर। राजस्थान के विभिन्न जिलों में कांग्रेस पार्टी ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर व्यापक आंदोलन छेड़ दिया है। ‘अरावली बचाओ’ अभियान के तहत प्रदेशभर में पैदल मार्च निकाले गए और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाते हुए कहा कि अरावली पर्वतमाला केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और जीवन रक्षा की रीढ़ है। उनका आरोप है कि सरकार की नीतियों के कारण अरावली को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार पर खनन माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि नई खनन नीतियां अरावली को खत्म करने का रास्ता खोल रही हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि अरावली में खनन की नई परिभाषा के तहत 100 मीटर तक की पहाड़ियों को खनन योग्य घोषित करना पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा।
पूरे प्रदेश में फैला आंदोलन
यह आंदोलन जयपुर, अजमेर, अलवर, उदयपुर सहित कई जिलों में देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक सड़कों पर उतरे। मार्च के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की रक्षा और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित पर्यावरण देने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अरावली को लेकर अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और यह जनआंदोलन का रूप लेगा।

