विधायक निधि घोटाले में भजनलाल सरकार का सख्त एक्शन, दो शिक्षा अधिकारियों पर गिरी गाज
राजस्थान में विधायक निधि (MLA LAD) से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों के बाद भजनलाल शर्मा सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति दिखाते हुए बड़ा एक्शन लिया है।
जयपुर। राजस्थान में विधायक निधि (MLA LAD) से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों के बाद भजनलाल शर्मा सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति दिखाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। स्टिंग ऑपरेशन में फंसे मामलों की तर्ज पर नागौर और करौली जिले के दो वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
नागौर जिले के मूंडवा ब्लॉक में कार्यरत एसीबीईओ (अतिरिक्त ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर) एवं कार्यवाहक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कैलाश राम पर विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों के बदले कमीशन और सामान मांगने के आरोप लगे थे। स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों और शिकायतों के आधार पर शिक्षा विभाग ने उन्हें निलंबित करते हुए मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) बांसवाड़ा से अटैच कर दिया है। विभाग का कहना है कि उनके कृत्य से सरकारी सेवा की गरिमा और विभाग की छवि धूमिल हुई, जो लोकसेवक आचरण संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसी क्रम में करौली जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा–मुख्यालय) पुष्पेंद्र कुमार शर्मा को भी राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर रखा गया है। दोनों अधिकारियों को निर्वाह भत्ता मिलेगा।
यह कार्रवाई हालिया स्टिंग ऑपरेशन के बाद भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से एक्शन का हिस्सा है, जिसमें खींवसर (नागौर) से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन (करौली) से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना (भरतपुर) से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत पर विकास कार्यों के बदले 40% तक कमीशन मांगने के आरोप लगे थे। स्टिंग वीडियो में विधायकों को कमीशन की डील करते दिखाया गया था।
विधायक डांगा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि व्यक्ति बार-बार उनके पास आता था और उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया था। वहीं, अन्य विधायकों ने भी आरोपों से इनकार किया है।
इस पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। भ्रष्टाचार के इन आरोपों को गंभीर बताते हुए सरकार ने संबंधित विधायकों के MLA LAD फंड को फ्रीज कर दिया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

