वार्ड 3 और 26 पट्टा विवाद, राजनीति की भेंट चढ़ती जनता की समस्याएं!
नगर निकाय चुनाव की आहट के साथ ही शहर की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। खासकर वार्ड नंबर 3 और 26 में पट्टा विवाद को लेकर जनता परेशान है, लेकिन राजनीतिक दल इस संवेदनशील मुद्दे को जनता के हित से ज्यादा अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं।
नगर निकाय चुनाव की आहट के साथ ही शहर की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। खासकर वार्ड नंबर 3 और 26 में पट्टा विवाद को लेकर जनता परेशान है, लेकिन राजनीतिक दल इस संवेदनशील मुद्दे को जनता के हित से ज्यादा अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में दोनों वार्डों के निवासियों ने पट्टे जारी नहीं होने के खिलाफ SDM को ज्ञापन सौंपा। लेकिन इससे पहले कि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचती, वहां एक राजनीतिक तमाशा खड़ा हो गया।
जनता की आवाज दबाने में लगी राजनीतिक होड़
ज्ञापन देने पहुंचे स्थानीय नेताओं के बीच भाजपा के कुछ नेताओं ने पहले से संघर्ष कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं पर टिप्पणियां कर माहौल खराब करने की कोशिश की।
इसके बाद BJP नेताओं ने अलग से अपना ज्ञापन सौंपा, जिससे स्पष्ट होता है कि पार्टी जनता की एकजुट आवाज के बजाय अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने में अधिक रुचि रखती है।
जहां वार्डवासी एकजुट होकर अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे, वहीं नेताओं के बीच हुई यह खींचतान दर्शाती है कि जनता के मुद्दों पर भी राजनीतिक दल आपसी क्रेडिट लेने की होड़ में लगे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आमजन की समस्या को भी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का साधन बना दिया गया।
पट्टा न बनने से जहां सैकड़ों परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित हैं, वहीं राजनीतिक दलों के बीच ‘कौन ज्यादा सक्रिय दिखे’ की होड़ ने मूल मुद्दे से ध्यान भटका दिया है। यह समय है जब जनता को एकजुट होकर यह संदेश देना होगा कि — समस्याओं का राजनीतिकरण नहीं, समाधान चाहिए।
हालांकि इस हंगामे के बीच SDM ने वार्ड 3 और 26 की समस्याओं की जांच के लिए शीघ्र कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है।

