बाबा श्याम का तीन दिवसीय जन्मोत्सव मेला आज से शुरू, रींगस से खाटू तक उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
खाटू धाम में श्रद्धा और आस्था का सागर उमड़ पड़ा है। प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में आज से बाबा श्याम के तीन दिवसीय जन्मोत्सव मेले का शुभारंभ हो गया है। मेले की शुरुआत के साथ ही देशभर से लाखों श्रद्धालु खाटूधाम पहुंचने लगे हैं।
सीकर। खाटू धाम में श्रद्धा और आस्था का सागर उमड़ पड़ा है। प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में आज से बाबा श्याम के तीन दिवसीय जन्मोत्सव मेले का शुभारंभ हो गया है। मेले की शुरुआत के साथ ही देशभर से लाखों श्रद्धालु खाटूधाम पहुंचने लगे हैं। हर ओर “जय श्री श्याम” के जयकारे गूंज रहे हैं और पूरा क्षेत्र श्याममय वातावरण में डूब गया है।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
तीन दिवसीय इस महोत्सव में श्रद्धालुओं की संख्या का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रींगस से खाटू धाम तक करीब 17 किलोमीटर का रास्ता श्याम भक्तों से पटा हुआ है। श्रद्धालु पैदल यात्रा, दंडी मार्च और भजन-कीर्तन करते हुए बाबा श्याम के दरबार तक पहुंच रहे हैं। खाटू कस्बे के सभी होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस पूरी तरह भरे हुए हैं। कई श्रद्धालु खुले में टेंट लगाकर या सड़क किनारे विश्राम करते नजर आ रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 2600 जवान तैनात
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
उपखंड अधिकारी मोनिका सामौर, जो मेले की मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त की गई हैं, ने बताया कि इस मेले की तैयारियां मुख्य लक्खी मेले की तर्ज पर की गई हैं।
पूरे क्षेत्र में 2600 से अधिक पुलिस व सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।
- 230 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
- ड्रोन कैमरों से भी भीड़ और यातायात की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
- खाटू के सभी प्रवेश मार्गों पर नियंत्रण कक्ष और मेडिकल सहायता केंद्र बनाए गए हैं।
आतिशबाजी पर प्रतिबंध और विशेष व्यवस्थाएं
सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने मेले के दौरान आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
खाटूश्यामजी क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति आतिशबाजी या खतरनाक वस्तु मेला परिसर में नहीं ले जा सकेगा। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए रींगस से खाटू तक विशेष यातायात योजना लागू की गई है।
भक्ति, सेवा और उत्सव का संगम
बाबा श्याम के भक्तों ने पूरे कस्बे को फूलों, झालरों और रोशनी से सजा दिया है।
मेले में जगह-जगह भंडारे, पानी की टंकियां, और सेवा शिविर लगाए गए हैं।
भक्त “श्याम तेरे लाखों दीवाने” जैसे भजनों पर झूमते और कीर्तन करते हुए बाबा के दरबार में मत्था टेक रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में 11 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

