चिकित्सा शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद बड़ा फैसला, FRC से मंजूर फीस ही लेंगे निजी मेडिकल कॉलेज

राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद यूजी काउंसलिंग बोर्ड ने बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेज केवल फीस निर्धारण समिति (FRC) से मंजूर की गई फीस ही वसूल सकेंगे।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद बड़ा फैसला, FRC से मंजूर फीस ही लेंगे निजी मेडिकल कॉलेज

राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद यूजी काउंसलिंग बोर्ड ने बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेज केवल फीस निर्धारण समिति (FRC) से मंजूर की गई फीस ही वसूल सकेंगे। विभाग की सख्त कार्रवाई के बाद बोर्ड ने थर्ड राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए एक दिन के लिए रजिस्ट्रेशन दोबारा खोलने का निर्णय लिया है।

  मैनेजमेंट कोटे की मनमानी पर लगेगी रोक

निजी मेडिकल कॉलेजों की ओर से मैनेजमेंट कोटे के नाम पर मनमानी फीस वसूली के मामले में अब सख्ती शुरू हो गई है। हाल ही में सामने आए NRI सीटों को मैनेजमेंट सीट में बदलकर करोड़ों रुपए वसूलने के खुलासे के बाद काउंसलिंग बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है।
बोर्ड की वेबसाइट पर अब तक मैनेजमेंट सीटों की फीस डेढ़ से दोगुनी बताई जा रही थी, जिसे अब संशोधित किया जा रहा है।

  बोर्ड की बैठक में हुआ बड़ा निर्णय

यूजी काउंसलिंग बोर्ड की बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश पर चर्चा की गई, जिसमें निर्देश दिया गया कि केवल FRC से तय फीस ही लागू होगी।
कुछ निजी मेडिकल कॉलेज प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि यह व्यवस्था अगले सत्र से लागू की जाए, लेकिन बोर्ड चेयरमैन आर.के. जैन ने स्पष्ट कहा कि “राजस्थान में निजी मेडिकल कॉलेजों में कोई अलग मैनेजमेंट कोटा नहीं है, इसलिए सभी सीटों पर एक समान फीस लागू होगी। साथ ही सभी निजी कॉलेजों को निर्देश दिए गए कि वे पोर्टल पर संशोधित फीस स्ट्रक्चर अपलोड करें।

 थर्ड राउंड काउंसलिंग का नया शेड्यूल

बोर्ड ने छात्रों के हित में थर्ड राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव किया है

  • रजिस्ट्रेशन ओपन: 29 अक्टूबर (रात 11:55 बजे तक दस्तावेज अपलोड)
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: 30 अक्टूबर (PWD/डिफेंस/एनआरआई कैटेगरी)
  • च्वाइस फीलिंग: 31 अक्टूबर और 1 नवंबर
  • रिजल्ट जारी: 5 नवंबर
  • ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि: अगले तीन दिन

 वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुआ संवाद

चिकित्सा शिक्षा सचिव अंबरीश कुमार ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निजी मेडिकल कॉलेज प्रतिनिधियों से संवाद किया।
इस दौरान आठ कॉलेज प्रतिनिधियों ने फीस आदेश को अगले वर्ष से लागू करने का आग्रह किया। लेकिन सचिव ने स्पष्ट किया कि आदेश सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है और तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

 मेडिकल फीस पर एकरूपता की दिशा में कदम

बैठक में यह भी तय हुआ कि आगामी वर्ष से फीस को लेकर राज्यस्तरीय समिति गठित की जाएगी ताकि सभी मेडिकल कोर्स में समान फीस नीति लागू की जा सके।
विभाग का यह कदम मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है।