मंत्रियों-विधायकों को सीएम भजनलाल की दो टूक “मेरे पास जनता से मिलने का समय है, आप इतने व्यस्त आप कहां हैं?”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में मंत्रियों और विधायकों को कड़ा संदेश दिया।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में मंत्रियों और विधायकों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि उनके पास खुद जनता में जाने, फीडबैक लेने और समय पर काम करने का समय है, तो मंत्री और जनप्रतिनिधि इतने व्यस्त किस बात में हैं कि कार्यकर्ताओं, विधायकों और आमजन से मिलने तक का समय नहीं निकाल पा रहे हैं।
बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एवं प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग सहित पूरी मंत्रिपरिषद और अधिकांश विधायक मौजूद रहे।
शिकायतें पहुंचीं तो सीएम सख्त हुए
विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार आ रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को चेतावनी दी कि जनता से जुड़ाव और शिकायतों की सुनवाई में किसी भी तरह की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं खुद जनता के बीच जाता हूँ, विधायकों से मिलता हूँ और काम समय पर करता हूँ। फिर आप लोग इतने व्यस्त किस काम में हैं कि कार्यकर्ता और जनता से मिलने का समय ही नहीं निकाल पा रहे?”
परफॉर्मेंस और जनसंवाद अब अनिवार्य
सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं और आगामी निकाय एवं पंचायती राज चुनाव नजदीक हैं। इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी मंत्री-विधायक अब नियमित रूप से जनसंवाद, क्षेत्रीय प्रवास और फील्ड विजिट करेंगे। सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक समय पर पहुंचे, इसका फीडबैक खुद लें और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम भी तेज करें।**
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने दोनों बजट में सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों को समान रूप से धन दिया है। अब जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय रहें और योजनाओं के क्रियान्वयन की निरंतर मॉनिटरिंग करें।
बैठक में सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब परफॉर्मेंस, जवाबदेही और जनता से सीधा संवाद ही सरकार और संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

