रणथंभौर से खुशखबरी, बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ बनी पांचवीं बार मां, दो शावकों को दिया जन्म

रणथंभौर नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ ने दो शावकों को जन्म दिया है

रणथंभौर से खुशखबरी, बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ बनी पांचवीं बार मां, दो शावकों को दिया जन्म

सवाई माधोपुर। रणथंभौर नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ ने दो शावकों को जन्म दिया है। मिश्रदर्रा क्षेत्र के पास बाघिन को अपने शावकों को मुंह में दबाकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करते हुए देखा गया, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

शावकों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने एहतियातन कुछ समय के लिए गणेश मंदिर मार्ग को बंद कर दिया। रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि जैसे ही बाघिन सुल्ताना शावकों को लेकर जंगल की ओर रवाना हुई, उसके बाद मार्ग को दोबारा खोल दिया गया।

पांचवीं बार मां बनी सुल्ताना

बाघिन सुल्ताना रणथंभौर की अनुभवी और चर्चित बाघिनों में से एक है। इससे पहले इसी साल अप्रैल माह में उसने तीन शावकों को जन्म दिया था, जिससे वह चौथी बार मां बनी थी। नए जन्मे शावकों का पिता बाघ टी-101 ‘हैड्स’ बताया जा रहा है।

वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार,

पहले लिटर में सुल्ताना ने दो शावकों को जन्म दिया था, जिन्हें टी-138 और टी-139 के नाम से पहचान मिली।

दूसरे लिटर में भी दो शावक हुए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों की मौत हो गई।

तीसरे लिटर में उसने एक नर और एक मादा शावक को जन्म दिया।

अब पांचवीं बार, सुल्ताना ने फिर से दो शावकों को जन्म देकर रणथंभौर की बाघ आबादी में इजाफा किया है।

वन विभाग शावकों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुल्ताना के नए शावकों के जन्म से रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या और संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिलेगी।