रेगिस्तान में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में केमिकल व तैयार नशीला पदार्थ जब्त
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने रेगिस्तान के बीच चल रही अवैध एमडी ड्रग बनाने की गुप्त प्रयोगशाला का खुलासा किया है। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर धोरों में स्थित एक ढाणी में यह खतरनाक धंधा संचालित किया जा रहा था।
बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने रेगिस्तान के बीच चल रही अवैध एमडी ड्रग बनाने की गुप्त प्रयोगशाला का खुलासा किया है। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर धोरों में स्थित एक ढाणी में यह खतरनाक धंधा संचालित किया जा रहा था। सदर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर भारी मात्रा में केमिकल, तैयार एमडी ड्रग और ड्रग बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार सदर थाना क्षेत्र के केरली गांव में पिछले कई दिनों से अलग-अलग केमिकल मंगवाकर एमडी ड्रग तैयार की जा रही थी। ढाणी की छत पर केमिकल मिक्स कर ड्रग्स को सुखाया जा रहा था। मौके का नजारा देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई।
इस कार्रवाई को एसपी नरेंद्र सिंह मीणा के निर्देशन में अंजाम दिया गया। डीएसपी शर्मा सहित कई पुलिस टीमों ने एक साथ छापा मारकर पूरे ठिकाने को घेर लिया। कार्रवाई के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को भी सूचना दी गई, जिसके बाद एनसीबी की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल जब्ती की कार्रवाई और पूरे परिसर की गहन तलाशी जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि केरली निवासी मोटाराम मुंबई में लकड़ी का काम करता है। वहीं उसका संपर्क ड्रग माफिया से हुआ। बाद में उसने अपने चचेरे भाई को लालच देकर इस अवैध धंधे में शामिल कर लिया। चचेरे भाई के लकड़ी के कारखाने से सटी ढाणी में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा था।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि तैयार ड्रग की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी। इस मामले में और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

