4 दिनों में 66 अपराधी हुए गिरफ्तार, जयपुर पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन शिकंजा’

4 दिनों में 66 अपराधी हुए गिरफ्तार, जयपुर पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन शिकंजा’

जयपुर। जयपुर पुलिस ने चार दिनों तक चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत 66 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य शहर में बढ़ती अपराध की घटनाओं को नियंत्रित करना और अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करना था। इसे साउथ जिले में DCP साउथ राजर्षि राज ने लॉन्च किया है। जिसके तहत पुलिस टीमों को संदिग्ध लोगों, अपराधियों, संदिग्ध जगहों और आदतन अपराधियों के खिलाफ खास निर्देश दिए गए हैं।

ऑपरेशन का पूरा ब्यौरा

जयपुर पुलिस ने पिछले चार दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों में क्राइम कंट्रोल अभियान चलाया। इस दौरान चोरी, डकैती, शार्प शूटर गैंग और अन्य अपराधों में शामिल अपराधियों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन में 66 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें कई वांछित अपराधी शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान अवैध हथियार और चोरी की संपत्ति भी बरामद की गई।

चार दिनों में मिली बड़ी सफलता

  • दिन 1: चोरी और वाहन चोर गिरोह के 15 सदस्य गिरफ्तार
  • दिन 2: शार्प शूटर गैंग और रंगदारी मांगने वाले 18 अपराधी गिरफ्तार
  • दिन 3: अवैध शराब और नशीले पदार्थों के सौदागरों पर छापा, 12 गिरफ्तार
  • दिन 4: अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करते हुए 21 अपराधी गिरफ्तार

इस ऑपरेशन से शहर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मकसद अपराधियों को डर दिखाना और आम जनता को सुरक्षित महसूस कराना था।

 33 से ज़्यादा होटल भी शिकंजे में फंसे

क्राइम में इस्तेमाल किए गए 44 फोर-व्हीलर और 66 टू-व्हीलर भी जब्त किए गए, सर्च के दौरान पुलिस ने कई होटलों को भी नोटिस जारी किए। इन होटलों में कई सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स का पालन नहीं किया जा रहा था। वहां ठहरने वाले लोगों से ID न लेना, संदिग्धों को होटल में ठहराना, होटल में लगे CCTV कैमरे खराब होना, होटल रजिस्टर मेंटेन न किया जाना वगैरह कई गड़बड़ियां मिलीं। इसके लिए 33 से ज़्यादा होटल संचालकों को नोटिस दिए गए। इसके अलावा पुलिस ने एक संचालक को भी गिरफ्तार किया जो नियमों से हटकर किराए की गाड़ी चला रहा था।

पुलिस का संदेश

जयपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। ऑपरेशन शिकंजा जैसे अभियान जारी रहेंगे, ताकि जयपुर को अपराधमुक्त शहर बनाया जा सके।