वृक्षमित्र कानाराम पितावत के दाह संस्कार से पहले परिजनों ने लगाए पौधे, पर्यावरण को दिया संदेश
वृक्षमित्र एवं गौसेवक कानाराम पितावत कृषि कार्य के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर बिलाडा ले जाया गया और बाद में जोधपुर AIIMS में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
जोधपुर। वृक्षमित्र एवं गौसेवक कानाराम पितावत कृषि कार्य के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर बिलाडा ले जाया गया और बाद में जोधपुर AIIMS में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
कानाराम पितावत के निधन की खबर सुनते ही गांव में शोक की लहर फैल गई। सोमवार को उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर ट्री मेन गोविंद सीरवी की पहल पर श्मशान भूमि में दाह संस्कार से पहले तीन पौधे लगाए गए। इस कार्य में कानाराम जी की तीनों बेटियां लक्ष्मी, सावित्री, दिव्या और बेटे कैलाश पितावत, जयंत चौधरी ने भाग लिया। इसके अलावा ट्री मेन के भाई भंवरलाल सीरवी के बेटे सुमेर और माधव सीरवी ने भी तीन पौधे लगाकर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी।
गोविंद सीरवी ने कहा कि बिलाडा क्षेत्र में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले कानाराम जी को हमेशा याद रखा जाएगा। उनका पर्यावरण और गो सेवा के प्रति समर्पण प्रेरणास्पद था। कानाराम जी हर अमावस्या और पूर्णिमा को अपने निजी ट्रैक्टर से गांव में घूमकर गायों के लिए रोटियां, गुड़ और अन्य सामग्री गोशाला में वितरित करते थे।
पौधरोपण के दौरान सरपंच सुराराम सीरवी, जोधाराम बरफा, चूत्राराम आर्य, धनेश सुथार, तेजाराम, जितेंद्र जैन, दिलीप पितावत, लक्ष्मण, अशोक आर्य, खीयाराम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कानाराम जी की स्मृति को सम्मानित किया। ट्री मेन गोविंद सीरवी की यह पहल पहले से ही लगातार जारी है और बिलाडा क्षेत्र में किसी भी आयोजन पर पौधरोपण करते हुए उन्हें देखा जा सकता है।

