विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर भरतपुर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह
विश्व एड्स दिवस (1 दिसंबर) की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम को ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के परिसर में स्थित श्री बांके बिहारी जी मंदिर प्रांगण में एक मार्मिक श्रद्धांजलि एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
भरतपुर। विश्व एड्स दिवस (1 दिसंबर) की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम को ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के परिसर में स्थित श्री बांके बिहारी जी मंदिर प्रांगण में एक मार्मिक श्रद्धांजलि एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एचआईवी/एड्स के कारण असमय काल कवलित हो चुके लोगों की स्मृति में आयोजित इस समारोह में सैकड़ों दीप जलाकर मौन श्रद्धांजलि दी गई। मंदिर परिसर दीपों की लौ से जगमगा उठा और वातावरण गहन भावुकता से भर गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित करना था, बल्कि समाज में अभी भी व्याप्त एचआईवी/एड्स से जुड़े मिथकों और भेदभाव को दूर करना भी था। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि “एचआईवी एक वायरस है, अपराध नहीं।” यह बीमारी किसी को भी हो सकती है और इसके साथ जी रहे लोग (People Living with HIV - PLHIV) समाज का अभिन्न अंग हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि आज की तारीख में HIV एक नियंत्रणीय (manageable) स्थिति है, न कि मृत्युदंड।
उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, मोहल्ले और कार्यस्थल पर एड्स से जुड़े भेदभाव को खत्म करने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर नारा लगाया “जागरूक बनो – भेदभाव मिटाओ – एड्स से डरो नहीं, समझो और बचो”
भरतपुर जिले में वर्तमान में ART सेंटर पर 3500 से अधिक मरीज नियमित उपचार ले रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में नई संक्रमण दर में उल्लेखनीय कमी आई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ऐसे जागरूकता कार्यक्रम पूरे वर्ष चलते रहते हैं।
आयोजकों ने बताया कि कल 1 दिसंबर को राजकीय अस्पताल परिसर में भी विश्व एड्स दिवस पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें निःशुल्क HIV जांच कैंप, रैली और सेमिनार शामिल होंगे।

