Jaipur Health News : क्या राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का नया सुश्रुत भवन बदलेगा इलाज की तस्वीर? 19 करोड़ की लागत से तैयार, 9 स्पेशलिटी ओपीडी शुरू
जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में 19 करोड़ की लागत से बने सुश्रुत भवन का शुभारंभ, एक ही छत के नीचे 9 स्पेशलिटी ओपीडी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पंचकर्म और आधुनिक लैब सुविधाएं मिलेंगी।
Jaipur Health News : जयपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA) में 19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तीन मंजिला ‘सुश्रुत भवन’ का शुभारंभ किया जा रहा है। इस नए भवन के शुरू होने के साथ ही मरीजों को एक ही छत के नीचे मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग, किडनी, कैंसर और मानसिक स्वास्थ्य सहित 9 प्रकार की विशेष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
सुश्रुत भवन में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नए भवन में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
- पहली मंजिल पर विशेषज्ञ ओपीडी सेवाएं संचालित होंगी।
- दूसरी मंजिल पर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और प्री व पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड की व्यवस्था की गई है।
- तीसरी मंजिल पर डीलक्स वार्ड और पंचकर्म केंद्र स्थापित किया गया है।
साथ ही, मरीजों के लिए कंप्यूटराइज्ड रजिस्ट्रेशन काउंटर भी बनाए गए हैं ताकि लंबी कतारों से राहत मिल सके।
स्पेशलिटी ओपीडी में इन रोगों का होगा इलाज
सुश्रुत भवन में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के लिए विशेष ओपीडी शुरू की जा रही हैं। इनमें मेंटल हेल्थ, प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, सौंदर्य चिकित्सा, चाइल्ड मेंटल हेल्थ, डेंटल केयर, रेटिनल रोग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और एंटी-नेटल केयर जैसी सेवाएं शामिल हैं। इससे मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और बेहतर उपचार का लाभ मिलेगा।
5 करोड़ की लागत से तैयार ड्रग्स एंड फूड लैब
अस्पताल परिसर में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ड्रग्स एंड फूड लैब भी स्थापित की गई है। यहां आयुर्वेदिक दवाओं और आहार की गुणवत्ता जांच की जाएगी। लैब में फार्माकोग्नोसी और माइक्रोबायोलॉजी जैसे अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं, जिससे उपचार की गुणवत्ता और भी बेहतर होगी।
जयपुर का प्रमुख आयुर्वेदिक संस्थान
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, आयुष मंत्रालय के अधीन संचालित एक प्रमुख स्वायत्त संस्थान और डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी है। यहां आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ-साथ स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं।
अस्पताल में 300 बेड की सुविधा, पंचकर्म थेरेपी, केंद्रीय प्रयोगशाला, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड, जेरियाट्रिक यूनिट, ऑर्थोपेडिक और बाल मानसिक स्वास्थ्य यूनिट सहित कई विशेष सेवाएं पहले से उपलब्ध हैं।
नए सुश्रुत भवन के शुरू होने से जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक नई उम्मीद मिलने की संभावना है।
Saloni Kushwaha 
