कांग्रेस संगठन की नई कवायद, 50 जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी, AICC ने मांगे 6-6 नामों के पैनल

राजस्थान कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेशभर के 50 जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके तहत पार्टी की जिला इकाइयों से संभावित उम्मीदवारों के 6-6 नामों का पैनल तैयार कर AICC  को भेजा गया है।

कांग्रेस संगठन की नई कवायद, 50 जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी, AICC ने मांगे 6-6 नामों के पैनल

राजस्थान कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेशभर के 50 जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके तहत पार्टी की जिला इकाइयों से संभावित उम्मीदवारों के 6-6 नामों का पैनल तैयार कर AICC  को भेजा गया है। अब अंतिम मुहर दिल्ली से लगनी बाकी है।

यह कवायद राज्य में कांग्रेस के ढीले पड़े संगठन को दोबारा सक्रिय करने और 2024 के बाद होने वाले स्थानीय निकाय व पंचायत चुनावों की तैयारी के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

सांसद-विधायक की सिफारिश नहीं मानी जाएगी

कांग्रेस आलाकमान ने इस बार साफ निर्देश दिए हैं कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में किसी सांसद, विधायक या कद्दावर नेता की सिफारिश नहीं मानी जाएगी। इस आदेश के बाद प्रदेश के कई नेताओं की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अब तक जिला स्तर पर नियुक्तियों में राजनीतिक सिफारिशें और जातीय समीकरण बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं। कई विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व प्रत्याशी खुद भी जिलाध्यक्ष बनने की दौड़ में हैं।

 सूत्रों के मुताबिक

जिलों से भेजे गए पैनल में स्थानीय संतुलन, जातीय समीकरण और सक्रियता को ध्यान में रखा गया है। युवा चेहरों को तवज्जो दी गई है, ताकि संगठन में नई ऊर्जा आ सके। अंतिम निर्णय AICC नेतृत्व और प्रदेश प्रभारी की सलाह से होगा।

पार्टी नेताओं का कहना है
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि यह कदम संगठन की मजबूती की दिशा में अहम है। हम मैदान में मजबूत टीम के साथ उतरना चाहते हैं, ताकि कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सीधा संवाद हो सके, एक नेता ने कहा।

AICC ने क्या कहा?

AICC का कहना है कि पार्टी को नई ऊर्जा देने की शुरुआत जिलाध्यक्षों से की जा रही है. इसी मकसद से प्रदेश कांग्रेस कमेटी और केंद्रीय पर्यवेक्षक मिलकर इस चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सहभागी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.