मिलावटी सॉस फैक्ट्री का भंडाफोड़, मिलावट खोरों की अब खैर नहीं

राजस्थान में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। जयपुर ग्रामीण के बस्सी इलाके के मोहनपुर गांव में अवैध रूप से चल रही श्रीश्याम इंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने छापा मारा।

मिलावटी सॉस फैक्ट्री का भंडाफोड़, मिलावट खोरों की अब खैर नहीं

जयपुर। राजस्थान में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। जयपुर ग्रामीण के बस्सी इलाके के मोहनपुर गांव में अवैध रूप से चल रही श्रीश्याम इंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने छापा मारा। यहां सड़ी-गली गाजरों को उबालकर कृत्रिम रंग और प्रतिबंधित स्वीटनर सेक्रीन मिलाकर मिलावटी सॉस तैयार किया जा रहा था। टीम ने 500 किलो तैयार मिलावटी सॉस जब्त किया, जबकि 200 किलो सॉस और 1000 किलो सड़े पल्प को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। फैक्ट्री की मशीनें सील कर दी गई हैं।

घटना की पूरी जानकारी

जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा टीम ने गुरुवार को मोहनपुर गांव स्थित इस फैक्ट्री पर दबिश दी। जांच के दौरान फैक्ट्री के बेहद गंदे हालात सामने आए, जहां सड़ी हुई गाजरों को उबालकर पल्प बनाया जा रहा था। इसमें कृत्रिम रंग डालकर रंगत दी जाती थी और सेक्रीन जैसे प्रतिबंधित स्वीटनर से मिठास बढ़ाई जाती थी। यह मिश्रण बोतलों में भरकर विभिन्न ब्रांड नामों से बाजार में बेचने की तैयारी थी।

टीम को मौके पर 41 कार्टूनों में लगभग 500 बोतलें तैयार सॉस मिलीं, जिन्हें जब्त कर सैंपल लैब जांच के लिए भेज दिए गए। इसके अलावा, 200 किलो तैयार सॉस और 1000 किलो सड़े गाजर का पल्प नष्ट करवाया गया। फैक्ट्री का प्रोप्राइटर राकेश सैनी है, जो करीब एक वर्ष से यह अवैध कारोबार चला रहा था। टीम ने फैक्ट्री परिसर की सभी मशीनें सील कर दीं और उत्पादन पूरी तरह बंद करवा दिया।

अभियान का हिस्सा, मिलावटखोरों पर लगाम

यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग के चल रहे 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान का हिस्सा है, जो त्योहारों से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए तेज की गई है। डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों से उपभोक्ताओं को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है, जैसे पेट संबंधी बीमारियां या एलर्जी। विभाग ऐसी फैक्टरियों पर सख्ती बरत रहा है। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील चोटवानी, विनोद थारवान और राजेश नागर शामिल रहे। पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

आमजन के लिए सलाह, सतर्क रहें, शिकायत करें

डॉ. मित्तल ने आम लोगों से अपील की है कि बाजार में सस्ते, बिना लेबल या संदिग्ध पैकेजिंग वाले खाद्य उत्पादों से बचें। यदि कोई मिलावटी या घटिया सामग्री मिले, तो तुरंत खाद्य सुरक्षा हेल्पलाइन 1800-180-6127 पर शिकायत दर्ज कराएं। विभाग ने चेतावनी दी है कि मिलावटखोरों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।यह घटना राजस्थान में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। हाल ही में जयपुर में मिलावटी बेसन, मसाले और अन्य उत्पादों पर भी छापे मारे गए हैं, लेकिन ऐसे अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहे। विभाग ने प्रदेशभर में अभियान तेज करने का ऐलान किया है।