अस्पताल में सनसनीखेज हादसा, क्या नवजात शिशु की हत्या मां और मौसी ने ही की ?
राजस्थान के चूरू जिले के सबसे बड़े राजकीय मातृ-शिशु अस्पताल में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां जन्म लेने वाले मात्र 5 घंटे के एक नवजात शिशु की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई।
चूरू। राजस्थान के चूरू जिले के सबसे बड़े राजकीय मातृ-शिशु अस्पताल में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां जन्म लेने वाले मात्र 5 घंटे के एक नवजात शिशु की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे का गला दबाकर मार डाला गया, जबकि वह पूरी तरह स्वस्थ था। इस वारदात के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर वार्ड में सीसीटीवी कैमरों की कमी के कारण।
घटना की पूरी कहानी
जानकारी के मुताबिक, नवजात का जन्म गुरुवार देर रात अस्पताल के लेबर रूम में सामान्य प्रसव द्वारा हुआ था। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ पैदा हुआ और मां के पास ही रखा गया। सुबह करीब 6 बजे जब नर्सों ने चेकअप के लिए बच्चे को देखा, तो वह बेसुध पड़ा था। तत्काल डॉक्टरों ने जांच की, जिसमें पाया गया कि बच्चे का गला दबा हुआ था और सांस लेना बंद हो चुका था। बच्चे को तुरंत वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि रात भर बच्चा मां के बगल में ही सोया था। सुबह जब मां ने उसे जगाने की कोशिश की, तो वह ठंडा पड़ चुका था। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पिता ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उचित निगरानी न होने के कारण यह हादसा हुआ।
पुलिस जांच: मां और मौसी पर शक का घेरा
घटना की सूचना मिलते ही चूरू सदर थाना पुलिस और एफएसएल टीम अस्पताल पहुंची। प्रारंभिक जांच में बच्चे के गले पर नाखूनों के निशान और दबाव के चिह्न मिले, जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। एसपी चूरू ने बताया कि मामले को संदिग्ध मानते हुए मां और बच्चे की मौसी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। दोनों पर शक इसलिए है क्योंकि वे रात भर बच्चे के सबसे करीब थीं। मां ने शुरुआती पूछताछ में कहा कि वह थकान के कारण सो गई थी, लेकिन पुलिस को यह जवाब संतोषजनक नहीं लगा।पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएनए जांच का इंतजार किया जा रहा है, जो हत्या की पुष्टि कर सकती है। एफएसएल टीम ने वार्ड से नमूने एकत्र किए हैं और संभावित संदिग्धों के नाखूनों के निशान चेक किए जा रहे हैं।
अस्पताल पर सवाल: सीसीटीवी की कमी बनी बाधा
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि चूरू के इस प्रमुख मातृ-शिशु अस्पताल के नवजात वार्ड में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे हैं? अस्पताल अधीक्षक ने स्वीकार किया कि बजट की कमी के कारण निगरानी व्यवस्था कमजोर है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील वार्डों में 24x7 वीडियो सर्विलांस अनिवार्य होना चाहिए। इस घटना के बाद जिला कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर 15 दिनों में सीसीटीवी लगाने का आदेश दिया है।
परिजनों का गुस्सा और मांग
परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दे दिया। उन्होंने दोषी डॉक्टरों-नर्सों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। स्थानीय विधायक ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करती हैं। चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट्स ने भी सरकार से तत्काल जांच की मांग की है।यह घटना राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों को उजागर करती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या का पूरा राज खुल पाएगा। पुलिस ने परिजनों से अपील की है कि कोई भी सुराग मिलने पर तुरंत संपर्क करें।

