शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की शरण में पहुंचे नरेश मीणा, शंकराचार्य ने कही ये बड़ी बात
राजस्थान की अंता विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव हारने वाले नरेश मीणा से ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने सोमवार को मुलाकात की।
जयपुर। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव हारने वाले नरेश मीणा से ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने सोमवार को मुलाकात की। मुलाकात के बाद शंकराचार्य ने नरेश मीणा को जनता का “हृदय से चुना हुआ विधायक” करार देते हुए क्षेत्र में उनकी सेवा जारी रखने की अपील की।
“कागजों में हारे, लेकिन दिलों में जीते”
शंकराचार्य ने कहा, “नरेश मीणा आकर मुझसे मिले। मैं उनको और उनको इतनी बड़ी मात्रा में वोट देने वाली जनता को धन्यवाद देता हूं। कागजों में ये विजयी नहीं हुए, ये बात तो सच है। लेकिन आप लोगों ने यह करके दिखा दिया कि आपके हृदय का विधायक कोई है तो नरेश मीणा ही है। इस बात से हमें बहुत प्रसन्नता है।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे नरेश मीणा विधायक बने या न बने, कोई और बन गया हो, जो बन गया वो अपना काम करेगा। लेकिन क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण करने के लिए आगे आना चाहिए। नरेश मीणा को भी जनता की सेवा करते रहना चाहिए।”
नरेश मीणा शुरू से ही स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक रहे और उन्होंने कांग्रेस-बीजेपी दोनों दलों के खिलाफ जनता को एकजुट करने का प्रयास किया था। चुनाव परिणाम आने के बाद भी क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता बरकरार है।
सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने संदेश में सेवा भाव को सर्वोपरि बताया और नरेश मीणा से अपील की कि वे विधायक बनें या नहीं, जनसेवा का कार्य जारी रखें। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है।

