विधानसभा कमेटियों के फैसले सार्वजनिक करने पर बनेगा नियम, जूली के पत्र पर स्पीकर देवनानी ने दिए निर्देश

राजस्थान विधानसभा की विभिन्न कमेटियों के निर्णयों को सार्वजनिक किए जाने को लेकर अब स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा लिखे गए पत्र के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। यह फैसला आगामी 28 जनवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले सामने आया है।

विधानसभा कमेटियों के फैसले सार्वजनिक करने पर बनेगा नियम, जूली के पत्र पर स्पीकर देवनानी ने दिए निर्देश

राजस्थान विधानसभा की विभिन्न कमेटियों के निर्णयों को सार्वजनिक किए जाने को लेकर अब स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा लिखे गए पत्र के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। यह फैसला आगामी 28 जनवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले सामने आया है।

कमेटी के फैसले सीधे सार्वजनिक नहीं होंगे

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा था कि विधानसभा के भीतर गठित सदाचार समिति सहित अन्य सभी समितियों के निर्णयों को सीधे मीडिया या जनता के सामने लाना विधानसभा परंपराओं और नियमों के खिलाफ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कमेटियों के फैसले पहले विधानसभा के पटल पर रखे जाने चाहिए, उसके बाद ही उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

स्पीकर देवनानी ने दिए स्पष्ट निर्देश

जूली के पत्र पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस विषय पर नियम और प्रक्रिया तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी कमेटी के निर्णयों को लेकर भ्रम या विवाद की स्थिति न बने। अध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि सभी समितियों के कामकाज में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

सत्र से पहले बड़ा प्रशासनिक कदम

राजस्थान विधानसभा के 16वें विधानसभा के पांचवें सत्र से पहले यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नए नियम बनने के बाद कमेटियों की गोपनीयता, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा को और मजबूती मिलेगी।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे विधानसभा की गरिमा से जोड़कर देख रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का मानना है कि नियम तय होने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।