तीन दिन की पूछताछ के बाद पाक युवक ने उगला भारत आने का राज

राजस्थान के बाड़मेर जिले से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 26 नवंबर की रात घुसे पाकिस्तानी युवक हिंडाल ने तीन दिनों की कड़ी पूछताछ के दौरान अपना असली मकसद कबूल कर लिया है।

तीन दिन की पूछताछ के बाद पाक युवक ने उगला भारत आने का राज

बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 26 नवंबर की रात घुसे पाकिस्तानी युवक हिंडाल ने तीन दिनों की कड़ी पूछताछ के दौरान अपना असली मकसद कबूल कर लिया है। इंटेलिजेंस एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त पूछताछ में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे ने सुरक्षा बलों को भी हैरान कर दिया। युवक ने बताया कि वह अपनी अवैध संबंधों के कारण पाकिस्तानी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ही भारत भाग आया था। पूछताछ में कोई अन्य संदिग्ध मंसूबा न मिलने के बाद बीएसएफ ने उसे वापस पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी है।

घटना की पूरी कथा

बाड़मेर के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि यह घटना 26 नवंबर की देर रात सेड़वा थाना क्षेत्र के जाटों का बेरा गांव में हुई। यहां बॉर्डर पिलर नंबर 897 के पास स्थित बीएसएफ पोस्ट पर तैनात जवानों को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। जांच के दौरान पता चला कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीठी तहसील के नयातला गांव निवासी 24 वर्षीय हिंडाल रात के अंधेरे का फायदा उठाकर सीमा की कांटेदार तारबंदी के नीचे से रेंगते हुए भारतीय क्षेत्र में करीब 200 मीटर अंदर घुस चुका था।

घुसपैठ के बाद वह घबरा गया और पास के एक किसान के पशु बाड़े (गायों के आश्रय स्थल) में छिप गया। सुबह होते ही स्थानीय ग्रामीणों ने बाड़े में असामान्य हलचल देखी और तुरंत बीएसएफ को सूचना दी। बीएसएफ के जवान मौके पर पहुंचे और हिंडाल को बिना किसी抵抗 के हिरासत में ले लिया। उसके पास से कोई हथियार या संदिग्ध सामान नहीं मिला, लेकिन प्रारंभिक पूछताछ में वह घबरा गया और कुछ बोलने से कतराने लगा। इसके बाद उसे सेड़वा पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया।

अवैध संबंधों का डर बना कारण

तीन दिनों तक चली जॉइंट इंटरोगेशन (संयुक्त पूछताछ) में हिंडाल ने अपना पूरा राज खोल दिया। एसपी मीणा के अनुसार, हिंडाल ने कबूल किया कि करीब एक साल पहले उसकी भाभी की अचानक मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपनी भाभी के मायके गई एक महिला के साथ छेड़छाड़ करने लगा। इतना ही नहीं, पड़ोस में रहने वाली एक अन्य महिला के साथ उसके अवैध संबंध चल रहे थे। जब इन महिलाओं के परिवार वालों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने पाकिस्तान में ही स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा दी।

पुलिस कार्रवाई की आशंका से डरकर हिंडाल ने रातोंरात घर छोड़ दिया। वह सीमा पार करने के लिए जयपुर जाने वाले रास्ते पर चढ़ गया, लेकिन रास्ता भटक गया। आखिरकार, 26 नवंबर की रात वह बॉर्डर पिलर 897 के पास पहुंचा और रेंगते हुए भारत में दाखिल हो गया। पूछताछ में उसने साफ कहा कि भारत आने का उसका कोई जासूसी या आतंकी मकसद नहीं था; वह बस अपनी जान बचाने के लिए भागा था।

कोई साजिश नहीं, वापसी की प्रक्रिया शुरू

सुरक्षा एजेंसियों ने हिंडाल के पैरों के निशानों का ट्रैकिंग कर घुसपैठ के रूट की भी पुष्टि की। जांच में कोई साजिश या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ नजर नहीं आया। एसपी मीणा ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस के अनुसार, ऐसी घटनाओं में घुसपैठिए को तुरंत वापस भेजा जाता है, जब तक कोई बड़ा खतरा न हो। बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ समन्वय स्थापित कर हिंडाल को वापस भेजने का प्रोसेस शुरू कर दिया है। जल्द ही उसे बॉर्डर पर ही हवाले कर दिया जाएगा।

यह घटना भारत-पाक सीमा पर सतर्कता की महत्ता को रेखांकित करती है। हाल ही में बाड़मेर क्षेत्र में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां व्यक्तिगत कारणों से लोग सीमा पार करते पकड़े गए हैं। फिर भी, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है ताकि कोई बड़ी साजिश न हो सके।