TSP क्षेत्र में आरक्षण को लेकर नई बहस, गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक ने उठाई OBC-MBC-EWS कोटे की मांग
राजस्थान में गुर्जर समाज के मुद्दे पर लंबे समय से संघर्ष कर रही गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति अब टीएसपी (ट्राइबल सब-प्लान) क्षेत्र के आरक्षण मुद्दे पर भी सक्रिय नजर आ रही है। टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलने का मामला बीते कई वर्षों से लगातार उठता रहा है।
राजस्थान में गुर्जर समाज के मुद्दे पर लंबे समय से संघर्ष कर रही गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति अब टीएसपी (ट्राइबल सब-प्लान) क्षेत्र के आरक्षण मुद्दे पर भी सक्रिय नजर आ रही है। टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलने का मामला बीते कई वर्षों से लगातार उठता रहा है। अब इसी विषय पर समिति के संयोजक ने बड़ी और अहम मांग सामने रखी है।
संयोजक ने कहा है कि टीएसपी क्षेत्र में केवल अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए ही आरक्षण की व्यवस्था है, जबकि ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि टीएसपी क्षेत्र के 50 प्रतिशत अनारक्षित कोटे में ओबीसी के साथ-साथ एमबीसी और EWS वर्ग को भी आरक्षण दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस विशेष क्षेत्र के लिए विशेष और न्यायसंगत उपाय किए जाना जरूरी हैं।
पूरा मामला क्या है?
दरअसल, राजस्थान के टीएसपी क्षेत्र में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और पाली जिले शामिल हैं। इन जिलों में आरक्षण की एक अलग व्यवस्था लागू है। टीएसपी क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 45 प्रतिशत और अनुसूचित जाति (SC) के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है।
शेष 50 प्रतिशत सीटें सभी वर्गों के लिए अनारक्षित रखी गई हैं। इसका मतलब यह है कि ओबीसी, एमबीसी और EWS समेत अन्य वर्गों को इन जिलों में अनारक्षित श्रेणी में ही प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। इसी व्यवस्था को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है और अब गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने इसे लेकर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक सवाल खड़ा कर दिया है।

