110 साल की तीसरी सबसे तेज होगी ठंड, हिमालय 86% बर्फ से ढका
भारत इस साल 110 वर्षों के मौसमीय इतिहास में तीसरी सबसे तेज ठंड का सामना करने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्दी ने समय से पहले दस्तक दे दी है और आने वाले हफ्तों में इसके और भी तीव्र होने की संभावना जताई जा रही है।
भारत इस साल 110 वर्षों के मौसमीय इतिहास में तीसरी सबसे तेज ठंड का सामना करने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्दी ने समय से पहले दस्तक दे दी है और आने वाले हफ्तों में इसके और भी तीव्र होने की संभावना जताई जा रही है। देश के कई हिस्सों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर गिर चुका है, और उत्तरी भारत में लोग अक्टूबर के महीने में ही कंपकंपी महसूस कर रहे हैं।
हिमालय 86% हिस्सा बर्फ से ढका
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में इस सीजन में असामान्य रूप से अधिक बर्फबारी हुई है। 86% हिस्सा पूरी तरह बर्फ से ढक चुका है, जो सामान्य से कहीं अधिक है। इसका सीधा असर मैदानी राज्यों में तापमान गिरावट के रूप में देखा जा रहा है। यह परिदृश्य बताता है कि सर्दी न केवल जल्दी आई है, बल्कि बेहद तीव्र रूप में सामने आ रही है।
एमपी और राजस्थान में तापमान गिरा 15°C तक
मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में रात का न्यूनतम तापमान तेजी से गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि सामान्यतः यह गिरावट नवंबर के मध्य में देखी जाती है। विशेष रूप से राजस्थान के सीकर, चुरू, भीलवाड़ा और मध्य प्रदेश के ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन जैसे क्षेत्रों में सुबह-सुबह कोहरा और सर्द हवा ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया है।
ठंड अगले हफ्ते से और बढ़ेगी
भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 7–10 दिनों में तापमान में और गिरावट होगी। उत्तर भारत में शीतलहर की स्थिति बन सकती है खासकर बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

