पुष्कर मेले में GST टीम पहुंची, सोशल मीडिया पर महंगे घोड़ों की खबरों की जांच जारी
राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले में इस वर्ष अब तक का सबसे महंगा घोड़ा 12 लाख रुपये में बिकने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर 40 लाख रुपये और 8 करोड़ रुपये से भी अधिक कीमत में घोड़ों के बिकने की अफवाहें फैल रही थीं।
अजमेर। राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले में इस वर्ष अब तक का सबसे महंगा घोड़ा 12 लाख रुपये में बिकने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर 40 लाख रुपये और 8 करोड़ रुपये से भी अधिक कीमत में घोड़ों के बिकने की अफवाहें फैल रही थीं। इस भ्रामक जानकारी के बाद जीएसटी (GST) टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया।
सोशल मीडिया अफवाहों ने बढ़ाई हलचल
पशुपालन विभाग के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों में गलत आंकड़े बताए जा रहे थे, जिससे विभाग और कर अधिकारियों को सतर्क होना पड़ा। पशुपालन विभाग के डॉक्टर अरविंद खरे ने बताया “वायरल कीमतों ने विभाग को भ्रमित कर दिया, क्योंकि बिना प्रमाण के बड़ी-बड़ी कीमतें बताई जा रही थीं। इन अफवाहों ने व्यापारियों और अधिकारियों दोनों के लिए परेशानी पैदा की।"
GST टीम ने मेला स्थल पर जांच की
GST टीम ने मेले में कैंप स्थापित कर हर दिन घोड़ों के खरीदार और विक्रेता की डिटेल्स की जांच की। पशुपालन विभाग इस विवरण को “सफेद चिट्ठी” के रूप में प्रतिदिन तैयार करता है। जांच के दौरान GST टीम ने यह पाया कि अब तक सबसे महंगा घोड़ा 12 लाख रुपये में बिका है। GST नियमों के अनुसार, 40 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन पर ही कर लागू होता है।
6 नवंबर तक तैयार होगी अंतिम रिपोर्ट
पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पुष्कर मेले में किसी भी घोड़े की बिक्री जीएसटी योग्य सीमा तक नहीं पहुंची है। विभाग के डॉक्टर आलोक खरे ने बताया “सभी खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है। 6 नवंबर की शाम तक अंतिम रिपोर्ट तैयार कर दी जाएगी, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। हम लोगों से अपील करते हैं कि पुष्कर मेले से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले इसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें।”
अफवाहों से बचें
पुष्कर मेले में व्यापारियों और आगंतुकों को चेताया गया है कि सोशल मीडिया पर फैल रही ऊँची कीमतों की खबरों पर विश्वास न करें। पशुपालन विभाग और GST अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया है कि मेला पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी नियमों के अनुसार संचालित हो।

