दर्दनाक सड़क हादसा, स्कूल बस ने 12 साल के बच्चे को कुचला, मौके पर ही मौत

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के डाबडवास गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। बताया जा रहा है कि विवेकानंद स्कूल कुंड की बस ने 12 साल के हिम्मत सिंह नामक बच्चे को टक्कर मार दी।

दर्दनाक सड़क हादसा, स्कूल बस ने 12 साल के बच्चे को कुचला, मौके पर ही मौत

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के डाबडवास गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। बताया जा रहा है कि विवेकानंद स्कूल कुंड की बस ने 12 साल के हिम्मत सिंह नामक बच्चे को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।

 दुकान जा रहा था मासूम

घटना रविवार सुबह की है। हिम्मत सिंह अपने घर से पास की दुकान पर कुछ सामान लेने जा रहा था। तभी अचानक तेज रफ्तार स्कूल बस ने उसे टक्कर मार दी। चश्मदीदों के अनुसार, बस इतनी तेज रफ्तार में थी कि टक्कर लगते ही बच्चा सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 गांव में पसरा मातम

इस हादसे के बाद डाबडवास गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक हिम्मत सिंह के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों ने बस चालक की गिरफ्तारी की मांग की और प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की अपील की है।
घटना की सूचना मिलते ही मांढण थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 सरकार ने सड़क हादसों पर दिखाई सख्ती

राजस्थान में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में जोधपुर और जयपुर में हुए दर्दनाक हादसों के बाद सीएम ने सोमवार को हाई-लेवल मीटिंग की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाया जाए और लापरवाही बरतने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

सीएम ने यह भी कहा कि बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जाए। हाईवे के अतिक्रमण हटाए जाएं। अवैध कट बंद किए जाएं और ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

 स्थानीय लोगों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी चालक पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाए और स्कूल प्रबंधन की भी जांच की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता दी जाए ताकि परिवार की आर्थिक मदद हो सके।