वसुंधरा राजे की अंता उपचुनाव में धमाकेदार एंट्री से गरमाया सियासी पारा
राजस्थान की सियासत में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की धमाकेदार एंट्री ने हलचल मचा दी है। अंता विधानसभा उपचुनाव में जैसे ही वसुंधरा राजे ने मैदान संभाला, सियासी तापमान बढ़ गया।
बारां। राजस्थान की सियासत में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की धमाकेदार एंट्री ने हलचल मचा दी है। अंता विधानसभा उपचुनाव में जैसे ही वसुंधरा राजे ने मैदान संभाला, सियासी तापमान बढ़ गया। राजे ने आते ही अपने तेवर दिखाते हुए कहा —“यह लड़ाई धनबल और जनबल के बीच की है… और जनबल हमारे साथ है।” राजे के इस बयान ने अंता में चल रहे उपचुनाव को नया रंग दे दिया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश दिख रहा है तो कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है।
तीन दिन अंता में रहेंगी वसुंधरा राजे
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तीन दिनों तक अंता विधानसभा क्षेत्र में दौरे पर रहेंगी। वे सोमवार को सीसवाली में बूथ कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद अंता में कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार राजे स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करेंगी और प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन में प्रचार अभियान को गति देंगी। राजे ने कहा कि बीजेपी का उम्मीदवार “स्थानीय और जमीनी कार्यकर्ता” है, जो जनता के बीच लगातार काम कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि “जनता का प्यार और विश्वास भाजपा के साथ है, और यह उपचुनाव हम जीतेंगे।”
बीजेपी में जोश, कांग्रेस में सक्रियता बढ़ी
राजे की एंट्री के साथ ही अंता का सियासी समीकरण बदलता नजर आ रहा है। अब तक कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया अकेले ही प्रचार में जुटे हुए थे, लेकिन अब कांग्रेस ने भी पूरा दम लगाना शुरू कर दिया है। सोमवार को राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा अंता पहुंचे। दोनों नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आधा दर्जन गांवों में जनसंपर्क किया। उनके साथ पूर्व मंत्री ममता भूपेश, अशोक चांदना सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बीजेपी के बड़े चेहरे भी मैदान में
वसुंधरा राजे के साथ-साथ बीजेपी ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अंता उपचुनाव के लिए दुष्यंत सिंह (चुनाव प्रभारी), वन मंत्री संजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, पूर्व मंत्री कालीचरण सर्राफ और अनिता भदेल, कामां विधायक नौक्षम चौधरी सहित एक दर्जन विधायक प्रचार में जुटे हैं। बीजेपी का फोकस कार्यकर्ता संवाद और जनसंपर्क पर है, जबकि राजे की मौजूदगी से पार्टी का मनोबल कई गुना बढ़ गया है।
अंता उपचुनाव में बढ़ी सियासी सरगर्मी
अंता उपचुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहा। यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। वसुंधरा राजे की एंट्री ने इस मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। राजे के तीन दिन के दौरे को “भाजपा के लिए टर्निंग पॉइंट” माना जा रहा है, जबकि कांग्रेस भी अब पूरी ताकत से प्रचार मैदान में उतर आई है। आने वाले दिनों में अंता का चुनावी रण और भी गरमाने वाला है।

