CM भजनलाल शर्मा की लगातार मॉनिटरिंग रंग लाई, पूरी रात की मशक्कत के बाद पांचना बांध से बहने लगा पान
करीब 20 साल बाद करौली के पांचना बांध से जल निकासी शुरू हो गई है। तकनीकी खराबी वाले गेट को पूरी रात चले अभियान के बाद ठीक कर दिया गया। अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद है।
करीब दो दशक बाद राजस्थान के करौली स्थित पांचना बांध से जल निकासी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि पानी छोड़े जाने के दौरान एक गेट में तकनीकी खराबी आ जाने से कुछ समय के लिए संचालन प्रभावित हुआ, लेकिन पूरी रात चले अभियान के बाद मंगलवार तड़के समस्या का समाधान कर लिया गया। इसके साथ ही सभी निर्धारित गेटों से पानी का प्रवाह सुचारु रूप से शुरू हो गया।
तड़के 4:50 बजे खुला अंतिम गेट
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिस गेट में तकनीकी दिक्कत आ रही थी, उसे विशेषज्ञों की मदद से मंगलवार सुबह 4:50 बजे सफलतापूर्वक खोल दिया गया। इसके बाद लिफ्ट परियोजना, नहर प्रणाली और गंभीर नदी की ओर निर्धारित जल प्रवाह सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया।
पूरी रात मौके पर डटी रहीं टीमें
तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरी रात युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया गया। बांध संचालन को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से भी तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाया गया, जिन्होंने गेटों की मरम्मत और संचालन में अहम भूमिका निभाई।

दिल्ली में रहते हुए भी मुख्यमंत्री ने रखी नजर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली प्रवास पर होने के बावजूद पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रहे। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तकनीकी टीमों ने बिना रुके मरम्मत कार्य जारी रखा, जिसके बाद जल प्रवाह बहाल किया जा सका।
20 साल से बंद पड़े गेट भी हुए संचालित
अधिकारियों का कहना है कि बांध के कुछ गेट ऐसे थे, जिनमें लगभग 20 वर्षों से तकनीकी कारणों के चलते संचालन में परेशानी आ रही थी। इस विशेष अभियान के दौरान उन गेटों को भी चालू किया गया, जिससे पांचना समझौते के तहत पानी छोड़ने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सकी।
सोमवार को हुआ था जल प्रवाह का शुभारंभ
सोमवार दोपहर पांचना बांध से पानी छोड़े जाने की औपचारिक शुरुआत की गई थी। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने गेटों का पूजन करने के बाद बटन दबाकर गंभीर नदी, कमांड क्षेत्र की नहरों और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए जल प्रवाह शुरू किया था।
किसानों के लिए बड़ी राहत
राज्य सरकार ने करीब 61 करोड़ रुपये की लागत से गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्धार और दो नई लिफ्ट परियोजनाओं की भी शुरुआत की है। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद 21 राजस्व गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है। लंबे इंतजार के बाद पानी पहुंचने से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है और उन्हें खरीफ फसलों के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

