Shivpuri Dham Kota : शिवपुरी धाम के महंत सनातनपुरी महाराज का देवलोकगमन, श्रद्धालुओं में शोक की लहर
Sanatanpuri Maharaj का Shivpuri Dham में देवलोकगमन हो गया। उन्होंने 525 शिवलिंगों की स्थापना में अहम भूमिका निभाई और सनातन धर्म के प्रचार में सक्रिय रहे।
Shivpuri Dham Kota : कोटा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल थेकड़ा स्थित शिवपुरी धाम से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। धाम के संरक्षक और महंत श्री सनातनपुरी महाराज का रविवार देर रात देवलोकगमन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने आश्रम में ही अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था और जयपुर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें रविवार रात कोटा लाया गया, जहां शिवपुरी धाम में ही उन्होंने ब्रह्मलीन हो गए।
525 शिवलिंगों की स्थापना में निभाई अहम भूमिका
महंत सनातनपुरी महाराज, नागा बाबा राणा रामपुरी के शिष्य थे। राणा रामपुरी महाराज वर्ष 1985 में कोटा आए थे और यहां धूना रमाकर 525 शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद इस धार्मिक संकल्प को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सनातनपुरी महाराज ने संभाली। वर्ष 2007 में उनके मार्गदर्शन में 111 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन हुआ और इसी दौरान 525 शिवलिंगों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। इसके बाद शिवपुरी धाम कोटा का प्रमुख आस्था केंद्र बन गया और अपनी अनोखी पहचान के कारण देश-विदेश तक प्रसिद्ध हुआ।
लंबे समय से चल रही थी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी
महाराज जी पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। वर्ष 2022 में उनके लिवर में गांठ का ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद भी उनका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया था, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय बने रहे।
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से हुई थी मुलाकात
इस वर्ष जनवरी में उनकी मुलाकात बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री से भी हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच सनातन धर्म के प्रचार और धार्मिक गतिविधियों को लेकर चर्चा हुई थी। सनातनपुरी महाराज ने उन्हें आशीर्वाद भी दिया था और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, संतों की मौजूदगी में दी जाएगी समाधि
महंत सनातनपुरी महाराज के देवलोकगमन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवपुरी धाम पहुंचने लगे हैं। थेकड़ा स्थित धाम में साधु-संतों की मौजूदगी में उन्हें समाधि दी जाएगी। उनके निधन से क्षेत्र के संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक की लहर है।
Saloni Kushwaha 
