उदयपुर का खांजीपीर-आयड़ 'मिनी पाकिस्तान'; BJP विधायक ताराचंद जैन का विवादित बयान
उदयपुर में निकाय चुनाव से पहले भाजपा विधायक ताराचंद जैन के 'मिनी पाकिस्तान' और 'भाजपा को भाजपा ही हरा सकती है' बयान पर विवाद बढ़ गया है। जानिए पूरा मामला।
नगर निकाय चुनाव से पहले उदयपुर की राजनीति में भाजपा विधायक ताराचंद जैन के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में विधायक ने शहर के खांजीपीर और आयड़ इलाकों का जिक्र करते हुए उनके लिए 'मिनी पाकिस्तान' शब्द का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, चुनावी तैयारियों और पार्टी की स्थिति पर बात करते हुए जैन ने यह भी कहा कि “भाजपा को भाजपा ही हरा सकती है।” उनके इस बयान के बाद निकाय चुनाव से पहले भाजपा के अंदर एकजुटता और टिकट की दावेदारी भी चर्चा के केंद्र में आ गई है। 25 अगस्त को उदयपुर के सेक्टर-14 स्थित आशीष गार्डन में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में ये बयान सामने आए।
खांजीपीर को लेकर क्या बोले ताराचंद जैन?
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक ताराचंद जैन ने दावा किया कि खांजीपीर पहले अपराधियों की शरणस्थली बन गया था। उन्होंने कहा, “खांजीपीर मिनी पाकिस्तान बन गया था। सब अपराधियों की शरणस्थली थी।” जैन ने आगे दावा किया कि अपराध से जुड़े आंकड़े मंगवाने पर बड़ी संख्या में मामले खांजीपीर चौकी क्षेत्र से जुड़े मिलेंगे। उन्होंने वहां DYSP कार्यालय स्थापित किए जाने का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसके बाद स्थिति में बदलाव आया है। इसी दौरान उन्होंने आयड़ इलाके के लिए भी 'मिनी पाकिस्तान' शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि वहां भी अब परिस्थितियां सुधरी हैं। विधायक के इन दावों से जुड़े अपराध के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस इनपुट में उपलब्ध नहीं है। वहीं किसी पूरे इलाके को इस तरह संबोधित करने को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ सकता है।
'भाजपा को भाजपा ही हरा सकती है'
ताराचंद जैन का दूसरा बयान निकाय चुनाव में भाजपा की आंतरिक स्थिति को लेकर था। उन्होंने कहा कि भाजपा को कोई दूसरा नहीं बल्कि भाजपा ही हरा सकती है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इसके लिए प्रयास भी हुए हैं। इस टिप्पणी के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं, क्योंकि निकाय चुनाव से पहले भाजपा में टिकट के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आए हैं। हालांकि जैन ने चुनाव में भाजपा की स्थिति मजबूत होने का दावा किया।
विधायकन ने कांग्रेस को लेकर किया बड़ा दावा
विधायक ताराचंद जैन ने कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि आगामी निकाय चुनाव में कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। जैन ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे ऐसे दो वार्डों के नाम बताएं, जहां उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा हो। ये भाजपा विधायक के राजनीतिक दावे हैं और वास्तविक स्थिति चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
टिकट के लिए 700 दावेदार
कार्यकर्ता सम्मेलन के बीच भाजपा में टिकट की प्रतिस्पर्धा की तस्वीर भी सामने आई। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ के अनुसार पहले करीब 600 आवेदन मिल चुके थे और इसके बाद लगभग 100 अन्य कार्यकर्ताओं ने भी आवेदन किया। इस तरह टिकट के लिए आवेदन करने वालों की संख्या करीब 700 पहुंच गई है। इतनी बड़ी संख्या में दावेदारी जहां भाजपा के लिए कार्यकर्ताओं की चुनावी सक्रियता का संकेत है, वहीं टिकट वितरण के बाद नाराज दावेदारों को साधना पार्टी के लिए चुनौती भी बन सकता है।
हर वार्ड से आएगा फीडबैक, बनेंगे तीन-तीन नामों के पैनल
टिकट वितरण से पहले भाजपा वार्ड स्तर पर फीडबैक लेने की तैयारी कर रही है। पार्टी के पर्यवेक्षक अलग-अलग वार्डों की स्थिति का फीडबैक जुटाएंगे। इसके बाद कोर कमेटी की बैठक में दावेदारों के नामों पर मंथन किया जाएगा। दी गई जानकारी के अनुसार बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ भी शामिल होंगे। प्रत्येक वार्ड के लिए तीन-तीन संभावित नामों का पैनल तैयार कर जयपुर भेजे जाने की योजना है। अंतिम स्तर पर टिकट को लेकर फैसला किया जाएगा।
700 दावेदार और 'BJP ही BJP को हरा सकती है' क्या है संकेत ?
निकाय चुनाव से ठीक पहले ताराचंद जैन का यह कहना कि भाजपा को भाजपा ही हरा सकती है, चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। करीब 700 टिकट दावेदारों में से आखिरकार सीमित संख्या में नेताओं को ही प्रत्याशी बनाया जा सकेगा। ऐसे में जिन नेताओं को टिकट नहीं मिलेगा, उनकी नाराजगी को नियंत्रित करना पार्टी के लिए अहम होगा। यही वजह है कि इस बयान को केवल विपक्ष पर हमले के रूप में नहीं, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं के लिए एकजुटता के संदेश के रूप में भी देखा जा सकता है। दूसरी तरफ खांजीपीर और आयड़ के लिए विधायक द्वारा इस्तेमाल किया गया 'मिनी पाकिस्तान' शब्द चुनावी माहौल में अलग विवाद खड़ा कर सकता है। इस तरह उदयपुर के निकाय चुनाव में भाजपा के सामने दो अलग मोर्चे दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ कांग्रेस को हराने की रणनीति और दूसरी तरफ टिकट वितरण के बाद अपने ही संगठन को एकजुट रखने की चुनौती। और शायद इसी दूसरी चुनौती की तरफ ताराचंद जैन का यह बयान सबसे ज्यादा इशारा करता है। “भाजपा को भाजपा ही हरा सकती है।”

