गोवा में AAP की सरकार बनी तो E20 पेट्रोल बंद करेंगे: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि गोवा में AAP की सरकार बनने पर E20 पेट्रोल बंद किया जाएगा। जानें E20 क्या है और गोवा चुनाव में यह मुद्दा क्यों अहम है।
गोवा में E20 पेट्रोल को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को पणजी के मिरामार में आयोजित टाउनहॉल में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर गोवा में AAP की सरकार बनती है तो राज्य में E20 यानी 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बंद किया जाएगा।
केजरीवाल ने E20 पेट्रोल की अनिवार्य उपलब्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वाहन मालिकों को पेट्रोल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। AAP का आरोप है कि E20 के इस्तेमाल के बाद कई वाहन मालिक कम माइलेज, इंजन, पिकअप और फ्यूल सिस्टम से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, गोवा से उसे इस संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं।
केजरीवाल ने इस मुद्दे को सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल का हवाला देते हुए चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उनका दावा है कि इथेनॉल नीति की वजह से चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ और इसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ा। हालांकि, इन दावों को केजरीवाल और AAP के आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए।
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल होता है। केंद्र सरकार ने इसे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल को बढ़ावा देने की नीति के तहत लागू किया है।
केंद्र सरकार का कहना है कि E20 को वैज्ञानिक परीक्षण और ऑटोमोबाइल कंपनियों समेत विभिन्न पक्षों के साथ परामर्श के बाद लागू किया गया है। सरकार के मुताबिक, इसके परीक्षणों में इंजन की टिकाऊ क्षमता, ड्राइविंग, जंग से सुरक्षा, सामग्री की अनुकूलता और ईंधन दक्षता जैसे पहलुओं की जांच की गई है।
गोवा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा E20?
E20 को लेकर अब मामला सिर्फ पेट्रोल की गुणवत्ता या माइलेज तक सीमित नहीं है। गोवा में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AAP ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। केजरीवाल ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी।
AAP का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर लोगों को E20 और कम इथेनॉल वाले पेट्रोल में से अपनी पसंद का ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। ऐसे में आने वाले समय में E20 पेट्रोल गोवा की राजनीति में एक अहम चुनावी मुद्दा बन सकता है।

