प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा दांव, 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज; ‘कांदा एक्सप्रेस’ रवाना

केंद्र सरकार ने महंगे प्याज से राहत देने के लिए 35 रुपये किलो की रियायती दर पर प्याज बेचने का फैसला किया है। जानें ‘कांदा एक्सप्रेस’ से किन शहरों में पहुंचेगा प्याज और कहां मिलेगा।

प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा दांव, 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज; ‘कांदा एक्सप्रेस’ रवाना

देश में लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों से परेशान आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने जा रही है। बाजार में प्याज की कीमतें कई जगह 60 से 70 रुपये किलो तक पहुंचने के बीच सरकार ने महाराष्ट्र के नासिक से विशेष मालगाड़ियों को रवाना किया है। इन ट्रेनों को ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है।

सरकार का मकसद प्याज के बफर स्टॉक को तेजी से देश के उन शहरों तक पहुंचाना है, जहां प्याज की खपत अधिक है और कीमतों में तेजी देखी जा रही है। शुरुआती चरण में दिल्ली-NCR, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम यानी कोच्चि और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों में इसकी सप्लाई की जाएगी।

कहां मिलेगा 35 रुपये किलो प्याज?

रियायती दर पर प्याज आम लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकारी एजेंसियों को दी गई है। उपभोक्ता अपने नजदीकी **NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार** के आउटलेट से प्याज खरीद सकेंगे। इसके अलावा अलग-अलग इलाकों में **NCCF और NAFED की मोबाइल वैन** भी प्याज की बिक्री करेंगी।

सरकार के ‘भारत ब्रांड’आउटलेट्स के जरिए भी 35 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे उन इलाकों में भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां खुदरा बाजार में प्याज महंगा बिक रहा है।

 कीमतों पर लगाम लगाने की तैयारी

त्योहारी सीजन से पहले प्याज की खुदरा कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब 59 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में सरकार अपने बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर कीमतों पर नियंत्रण की कोशिश कर रही है।

सरकार का मानना है कि बफर स्टॉक की लगातार आपूर्ति से बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी और जमाखोरी तथा सट्टेबाजी पर भी लगाम लगेगी। इससे आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।

‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज की तेज सप्लाई को सरकार की कीमत नियंत्रण रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि रियायती प्याज की उपलब्धता बढ़ने के बाद आम बाजार में प्याज की कीमतें कितनी तेजी से नीचे आती हैं।