बाबा सिद्धेश्वर महादेव का भव्य फूल बंगला श्रृंगार, नोटों की कलाकृति से सजा सांवरिया सेठ का झूला बना आकर्षण
जयपुर के टोंक रोड स्थित मां अंबालिका मंदिर में मंगल प्रदोष पर बाबा सिद्धेश्वर महादेव का भव्य आयोजन हुआ। फूल बंगला श्रृंगार, छप्पन भोग और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
टोंक रोड स्थित जय अंबे नगर के मां अंबालिका मंदिर में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को मंगल प्रदोष के अवसर पर बाबा सिद्धेश्वर महादेव का भव्य धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में बाबा के फूल बंगला श्रृंगार से लेकर महाआरती तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। शिव भक्त अभिषेक खंडेलवाल और शिव भक्तों की टीम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्रोच्चार के बीच बाबा सिद्धेश्वर महादेव का पंचामृत, जूस और जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद विदेशी फूलों से आकर्षक फूल बंगला सजाया गया। मंदिर में विराजमान अन्य देवी-देवताओं का भी फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर रंग-बिरंगे फूलों और धार्मिक सजावट से सजा नजर आया।
नोटों की कलाकृति से सजा सांवरिया सेठ का झूला
आयोजन में सबसे खास आकर्षण सांवरिया सेठ का भव्य झूला रहा। कैलाशी नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि झूले को हजारों नोटों से तैयार कलाकृतियों के जरिए विशेष रूप से सजाया गया था। इस अनूठी सजावट को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दिया।
500 मीटर लंबी अशोक वृक्ष वाटिका भी सजाई
धार्मिक आयोजन के लिए मंदिर परिसर में करीब 500 मीटर लंबी अशोक वृक्ष वाटिका का मनमोहक स्वरूप तैयार किया गया। फूलों और हरियाली से सजे परिसर ने आयोजन को और आकर्षक बनाया।
बाबा सिद्धेश्वर महादेव को विशेष रूप से छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।
शंख-डमरू और मृदंग के बीच महाआरती
शाम 7:15 बजे आयोजन का प्रमुख आकर्षण बाबा सिद्धेश्वर महादेव की महाआरती रही। शंख, डमरू, ताल और मृदंग की ध्वनि के बीच महाआरती की गई। आयोजकों के अनुसार, बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाआरती में शामिल हुए और बाबा के दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की।
आधी रात तक गूंजता रहा 'हर-हर महादेव'
बाबा सिद्धेश्वर महादेव के दर्शन के लिए शाम करीब 5 बजे से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। रात 12 बजे के बाद तक मंदिर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। इस दौरान 'हर-हर महादेव' के जयघोष, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से पूरा मंदिर परिसर शिवमय नज़र आया। मंगल प्रदोष के अवसर पर हुए इस आयोजन में फूल बंगला श्रृंगार, सांवरिया सेठ का विशेष झूला, अशोक वृक्ष वाटिका, छप्पन भोग और महाआरती प्रमु
ख आकर्षण रहे।

