रविंद्र सिंह भाटी के गढ़ में आज हनुमान बेनीवाल की एंट्री, सीमावर्ती इलाकों के दौरे से बढ़ी सियासी हलचल

RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल आज बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे। धार्मिक स्थलों, सर्वधर्म सभा और रविंद्र सिंह भाटी के प्रभाव वाले क्षेत्र में उनकी मौजूदगी से सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

रविंद्र सिंह भाटी के गढ़ में आज हनुमान बेनीवाल की एंट्री, सीमावर्ती इलाकों के दौरे से बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में आज एक अहम राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल आज बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों के दौरे पर रहेंगे। आधिकारिक तौर पर इस यात्रा का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रभावित धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों की भावनाओं को समझना और सर्वधर्म सौहार्द का संदेश देना बताया जा रहा है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के प्रभाव वाले क्षेत्र में बेनीवाल की रणनीतिक एंट्री के रूप में भी देखा जा रहा है।

सीमावर्ती गांवों का करेंगे दौरा

मिली जानकारी के अनुसार हनुमान बेनीवाल आज जोधपुर से रवाना होकर पचपदरा और बायतु के रास्ते बाड़मेर पहुंचेंगे। इसके बाद वे रामसर, सियाई, गागरिया, बींजराड, इटादा, धनाऊ और कुंदनपुरा सहित कई सीमावर्ती गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे।

प्रशासन ने दौरे को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बढ़ा था विवाद

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कई धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की गई थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस कार्रवाई में कई दरगाहें और मजारें भी प्रभावित हुईं, जबकि कुछ हिंदू धार्मिक स्थल भी इसकी जद में आए। इसके बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बन गया था।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पहले ही राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर चुकी है। वहीं प्रभावित लोगों ने भी हनुमान बेनीवाल से मुलाकात कर अपनी शिकायतें और नाराजगी साझा की थी। अब बेनीवाल स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने जा रहे हैं।

मंदिर और दरगाह दोनों जाएंगे, सर्वधर्म सभा में होंगे शामिल

अपने दौरे के दौरान हनुमान बेनीवाल रामसर स्थित शिव मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद वे सेहलाउ स्थित दरगाह शरीफ पहुंचकर चादर पेश करेंगे। शाम को वे सेड़वा में आयोजित ‘सर्व धर्म शांति प्रार्थना सभा’ में भाग लेंगे।

RLP का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य धार्मिक सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देना है तथा सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की भावनाओं के साथ खड़ा होना है।

भाटी के गढ़ में बेनीवाल की मौजूदगी पर सियासी चर्चा

राजनीतिक दृष्टि से इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाड़मेर और बालोतरा का क्षेत्र पिछले कुछ समय से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में हनुमान बेनीवाल का लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय होना कई राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों के संवेदनशील मुद्दों के जरिए RLP पश्चिमी राजस्थान में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। वहीं कुछ लोग इसे आने वाले समय की संभावित राजनीतिक रणनीति और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देख रहे हैं।

हालांकि, हनुमान बेनीवाल ने अपने पूरे दौरे को जनभावनाओं और सामाजिक सौहार्द से जोड़कर पेश किया है। उन्होंने इसे प्रभावित लोगों की बात सुनने और क्षेत्र में भाईचारे का संदेश देने का कार्यक्रम बताया है।

आने वाले समय में और तेज हो सकती है सियासत

फिलहाल यह दौरा केवल धार्मिक स्थलों और प्रभावित लोगों तक सीमित रहेगा या पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत करेगा, इसका जवाब आने वाला समय देगा। लेकिन इतना तय है कि रविंद्र सिंह भाटी के प्रभाव वाले क्षेत्र में हनुमान बेनीवाल की सक्रियता ने पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में नई चर्चा और हलचल जरूर पैदा कर दी है।