Jantar Mantar से Ranchi और अब Patna: छात्रों के प्रदर्शन ने पकड़ा जोर, पप्पू यादव भूख हड़ताल पर बैठे

जंतर-मंतर और रांची के बाद अब पटना में छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया है। BPSC समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर पप्पू यादव गर्दनीबाग में एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे।

Jantar Mantar से Ranchi और अब Patna: छात्रों के प्रदर्शन ने पकड़ा जोर, पप्पू यादव भूख हड़ताल पर बैठे

छात्रों की मांगों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई छात्रों की आवाज अब झारखंड की राजधानी रांची होते हुए बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गई है। पटना में बीपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं। अब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी इन छात्रों के समर्थन में मोर्चा संभाल लिया है।

रविवार, 16 अगस्त को पप्पू यादव पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों के बीच एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने साफ कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से फैसला लेना चाहिए। पप्पू यादव के इस कदम के बाद पटना का छात्र आंदोलन राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।

जंतर-मंतर से शुरू हुई आवाज, अब पटना तक पहुंचा प्रदर्शन

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था, पेपर लीक, कथित धांधली और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार सामने आ रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद झारखंड में भी अभ्यर्थियों ने सड़कों पर उतरकर अपनी मांगें उठाईं।

अब बिहार में बीपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन इसी कड़ी का नया पड़ाव बन गया है। पटना के गर्दनीबाग में छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और जिन मामलों में गड़बड़ी के आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

BPSC से लेकर BSSC और TRE-4 तक कई मांगें

पटना में चल रहे प्रदर्शन का मुद्दा सिर्फ 70वीं बीपीएससी परीक्षा तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगों में 70वीं बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग के साथ BSSC की भर्ती प्रक्रिया और TRE-4 के नोटिफिकेशन से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन यानी ABSU की ओर से रविवार को 13 सूत्रीय मांगें भी रखी गईं।

गर्दनीबाग में फिलहाल छात्रों के दो अलग-अलग समूह प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन दोनों समूहों को पप्पू यादव ने समर्थन दिया है।

छात्रों के बीच बैठे पप्पू यादव, शुरू किया एक दिन का उपवास

छात्रों के समर्थन में पप्पू यादव खुद धरना स्थल पर पहुंचे और उनके बीच बैठकर एक दिन की भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान उनके हाथ में भगत सिंह की तस्वीर भी नजर आई।

पप्पू यादव ने सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। उनका कहना है कि अगर परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कहीं गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच भरोसा कायम हो सके।

'मांगें नहीं मानीं तो बिहार बंद का आह्वान'

भूख हड़ताल के दौरान पप्पू यादव ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वह बिहार बंद का आह्वान कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की बात भी कही।

इस बयान के बाद अब नजर सरकार के अगले कदम पर है। छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है और आंदोलनकारी चाहते हैं कि उनकी मांगों पर सरकार सीधे तौर पर जवाब दे।

रांची के बाद पटना में बढ़ी हलचल

हाल के दिनों में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा झारखंड में भी जोर पकड़ चुका है। रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता के सवालों को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। अब बिहार में भी छात्र परीक्षा और भर्ती व्यवस्था को लेकर सड़क पर हैं।

यानी तस्वीर साफ है—जंतर-मंतर से उठी छात्रों की आवाज, रांची में गूंजी और अब पटना के गर्दनीबाग तक पहुंच चुकी है। अलग-अलग राज्यों में मुद्दे अलग हो सकते हैं, लेकिन छात्रों की प्रमुख चिंता परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही को लेकर है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत और समाधान का रास्ता निकालती है या पटना का यह आंदोलन आगे और बड़ा रूप लेगा?