नेपाल में बाढ़ से तबाही, 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री सुरक्षित दिल्ली पहुंचे; नई झील फटने से फिर बढ़ा खतरा

नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन के बीच 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों को नेपाली सेना ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। नेपाल और तिब्बत में हालात गंभीर बने हुए हैं।

नेपाल में बाढ़ से तबाही, 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री सुरक्षित दिल्ली पहुंचे; नई झील फटने से फिर बढ़ा खतरा

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। नेपाली सेना ने इन तीर्थयात्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाके से निकालकर सुरक्षित काठमांडू पहुंचाया, जहां से शुक्रवार को सभी दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिल्ली में इन तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और आपबीती सुनी। 21 भारतीयों के सुरक्षित निकाले जाने की पुष्टि विदेश मंत्रालय की ओर से भी की गई है।

नई झील फटने से फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा

इधर, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक और झील फटने की घटना के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे बसे गांवों को खाली कराया जा रहा है। नेपाली सेना ने स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों को नदी किनारे से हटकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

नेपाल में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। खराब मौसम, भूस्खलन और क्षतिग्रस्त सड़कों की वजह से राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस इलाके में ग्लेशियल झील के फटने से अचानक आई बाढ़ ने तबाही को और बढ़ा दिया।

तिब्बत में लेवल-4 अलर्ट, बचाव अभियान प्रभावित

चीन ने तिब्बत में लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। दोबारा बाढ़ आने के खतरे को देखते हुए कुछ इलाकों में राहत और बचाव अभियान रोकना पड़ा है। तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में भी बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है।

सैकड़ों लोगों की मौत, 1500 से ज्यादा लापता

नेपाल और तिब्बत में आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक सैकड़ों लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में 547 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 977 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के अलावा नेपाली सेना और नेपाल पुलिस के जवान भी शामिल हैं।

वहीं तिब्बत में भी 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 558 लोग अभी तक लापता हैं। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा लगातार बदल रहा है, क्योंकि कई प्रभावित इलाकों तक राहत दलों की पहुंच अभी भी मुश्किल बनी हुई है।

भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए जारी है अभियान

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार लगातार नेपाल और चीन के अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले मंत्रालय ने बताया था कि नेपाल में करीब 288 भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही थी, जबकि चीन की तरफ भी करीब 200 भारतीयों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी।

बाढ़ के बीच 21 भारतीय तीर्थयात्रियों का सुरक्षित दिल्ली पहुंचना राहत की बड़ी खबर है। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने के कारण नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।