राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 4 से 7 सितंबर तक कई जिलों में झमाझम बारिश; कोटा संभाग पर खास नजर
राजस्थान में 3 सितंबर से मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है। 4 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ सकती है, जबकि 8 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।
राजस्थान में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर चल रही बारिश की गतिविधियों के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश बढ़ने का अनुमान जताया है। 3 सितंबर से मौसम में बदलाव दिखाई देने लगेगा, जबकि 4 से 7 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक 3 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शेखावाटी क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में बादल गरजने, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने जैसी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
4 सितंबर से बढ़ेगा बारिश का दायरा
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 4 से 7 सितंबर के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। इस दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
खास तौर पर कोटा संभाग और उससे सटे इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश भी होने की संभावना जताई गई है। कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, टोंक और सवाई माधोपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रह सकता है।
जयपुर समेत इन जिलों में भी असर
बारिश के इस दौर का असर जयपुर और आसपास के जिलों में भी दिखाई दे सकता है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, टोंक और कोटपूतली-बहरोड़ समेत कई क्षेत्रों में बादल छाने और बारिश होने के आसार हैं। वहीं उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ में भी मौसम बदल सकता है।
स्थानीय स्तर पर मजबूत बादल बनने की स्थिति में कुछ इलाकों में कम समय में तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में बारिश का असर जिले-दर-जिले अलग-अलग रह सकता है।
3 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर के लिए प्रदेश के किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, जयपुर, टोंक और कोटपूतली-बहरोड़ समेत कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है।
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। इसलिए मौसम खराब होने के दौरान खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।
पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून
पूर्वी राजस्थान के मुकाबले पश्चिमी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है। बीकानेर और शेखावाटी के कुछ हिस्सों में 4 से 6 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन पश्चिमी जिलों के बड़े हिस्से में मौसम सामान्य या शुष्क रहने की संभावना है।
8 सितंबर से फिर कम होगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 से 7 सितंबर के बीच बारिश का असर बढ़ने के बाद 8 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में दोबारा कमी आ सकती है। यानी राजस्थान में मानसून का यह सक्रिय दौर कुछ दिनों तक ही रहने की संभावना है।

