अब 50% कर्मचारी करेंगे Work From Home! पार्किंग भी होगी दोगुनी महंगी, सरकार का बड़ा फैसला

दिल्ली सरकार ने सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नई स्थायी नीति लागू की है। 1 नवंबर से WFH, पार्किंग शुल्क दोगुना, निर्माण कार्यों पर रोक और PUC नियम सख्ती से लागू होंगे।

अब 50% कर्मचारी करेंगे Work From Home! पार्किंग भी होगी दोगुनी महंगी, सरकार का बड़ा फैसला

सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने इस बार पहले से कहीं अधिक सख्त और स्थायी रणनीति तैयार की है। नई नीति के तहत हर साल अस्थायी आदेश जारी करने की बजाय अब 1 नवंबर से फरवरी के अंत तक कई नियम स्वतः लागू रहेंगे।

यह नई व्यवस्था दिल्ली में लागू होगी, जहां सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण सबसे गंभीर स्तर पर पहुंच जाता है। सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य नवंबर से फरवरी के बीच हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना और प्रदूषण के असर को कम करना है।

नई व्यवस्था के अनुसार 1 नवंबर से सरकारी और निजी कार्यालयों में करीब 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू किया जाएगा। इसके साथ ही निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क दोगुना करने का भी फैसला लिया गया है, ताकि लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें।

निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक तोड़-फोड़ और अधिकांश सिविल निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का मानना है कि इस अवधि में निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल प्रदूषण बढ़ाने का बड़ा कारण बनती है।

वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब वैध PUC (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं मिलेगी। यह नियम केवल सर्दियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल लागू रहेगा। यदि कोई वाहन बिना वैध PUC के ईंधन लेने पहुंचता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सर्दियों के मौसम में हर साल एयर क्वालिटी गंभीर स्तर तक पहुंच जाती है। पिछले कई वर्षों के आंकड़ों और विस्तृत अध्ययन के आधार पर यह स्थायी नीति तैयार की गई है, ताकि हर साल अलग-अलग आदेश जारी करने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान 1 नवंबर से 15 फरवरी के बीच औसत AQI 312 से 342 के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम AQI 461 से 494 तक पहुंचा। इन्हीं चिंताजनक आंकड़ों को आधार बनाकर इस बार स्थायी और कड़े कदम उठाए गए हैं।

सरकार का मानना है कि वर्क फ्रॉम होम, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी, निर्माण कार्यों पर रोक और PUC नियमों का सख्ती से पालन कराने जैसे उपायों से सर्दियों के दौरान प्रदूषण के स्तर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन स्थायी नियमों का हवा की गुणवत्ता पर कितना असर पड़ता है और लोगों को इससे कितनी राहत मिलती है।