राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: RUHS की उत्तरपुस्तिका कॉपी शुल्क संबंधी गाइडलाइन रद्द
RUHS की उत्तरपुस्तिका कॉपी शुल्क से जुड़ी गाइडलाइन रद्द कर दी। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को छात्रों के हित में नई और पारदर्शी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
राजस्थान हाईकोर्ट ने RUHS द्वारा उत्तरपुस्तिका की कॉपी देने के लिए तय की गई गाइडलाइन को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि छात्रों से उत्तरपुस्तिका की प्रति देने के नाम पर तय किया गया शुल्क और प्रक्रिया उचित नहीं थी, इसलिए इसे निरस्त किया जाता है।
मामले की सुनवाई के दौरान छात्रों की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि विश्वविद्यालय उत्तरपुस्तिका की कॉपी देने के लिए अत्यधिक शुल्क ले रहा है और इसके लिए बनाई गई गाइडलाइन पारदर्शी नहीं है। छात्रों का तर्क था कि इससे सूचना पाने का उनका अधिकार प्रभावित होता है।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद पाया कि उत्तरपुस्तिका की कॉपी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई व्यवस्था छात्रों के हित में नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जो पारदर्शी हो और छात्रों को उनकी उत्तरपुस्तिका की प्रति प्राप्त करने में अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
कोर्ट ने RUHS को निर्देश दिया कि वह नई और उचित गाइडलाइन तैयार करे, ताकि छात्र अपनी उत्तरपुस्तिका की कॉपी आसानी से प्राप्त कर सकें। इस फैसले को छात्रों के अधिकारों और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद अन्य विश्वविद्यालयों में भी उत्तरपुस्तिका कॉपी शुल्क और संबंधित नियमों की समीक्षा हो सकती है, जिससे छात्रों को अधिक पारदर्शी व्यवस्था मिल सके।

