दिल्ली में लिखी जाएगी पंचायती राज चुनाव की नई कहानी? भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे से पहले होने लगी राजनीतिक चर्चाएं!

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली दौरे पर हैं। केंद्रीय मंत्रियों के साथ प्रस्तावित बैठकों के बीच उनके दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

दिल्ली में लिखी जाएगी पंचायती राज चुनाव की नई कहानी? भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे से पहले होने लगी राजनीतिक चर्चाएं!
Cm Bhajanlal Sharma

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक बार फिर दिल्ली दौरे पर हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार वे 6 अगस्त को कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं, मनरेगा के लंबित भुगतान, पीएम ई-बस योजना, नागरिक उड्डयन परियोजनाओं और भारत टैक्सी जैसी योजनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। 

हालांकि मुख्यमंत्री के इस दौरे ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को भी जन्म दे दिया है। विपक्ष लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि राजस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले दिल्ली स्तर पर तय होते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का हर दिल्ली दौरा राजनीतिक विश्लेषण का विषय बन जाता है।

दिल्ली रवाना होने से पहले ओबीसी आयोग से मुलाकात

दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने सरकारी आवास पर राजस्थान ओबीसी आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश मदन लाल भाटी तथा आयोग के सदस्यों राजीव सक्सेना, मोहन मोरवाल, गोपाल कृष्ण और पवन मंडाविया से मुलाकात की। इस दौरान आयोग ने विभिन्न विषयों पर सरकार को जानकारी और सुझाव प्रस्तुत किए। इस बैठक के तुरंत बाद 5 अगस्त देर रात 9:30 बजे मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होने से राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला है।

क्या पंचायत चुनाव भी चर्चा का हिस्सा होंगे?

राजस्थान में पंचायती राज चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार दौरे का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के साथ विकास परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना है।

दो महीने में कई बार दिल्ली दौरा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो महीनों में कई बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। 1 जून, 11 जून, 28-29 जून और 6-8 जुलाई को भी वे अलग-अलग सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों के सिलसिले में राजधानी गए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच समन्वय के लिए इस तरह की बैठकें सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। वहीं विपक्ष इन्हें राजनीतिक निर्णयों से जोड़कर सवाल उठाता रहा है।

अब किन मुद्दो पर रहेगी नजर?

मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजस्थान को केंद्र सरकार से कौन-कौन सी नई परियोजनाएं और वित्तीय स्वीकृतियां मिलती हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि पंचायत चुनावों से पहले संगठन और सरकार की रणनीति में कोई नया संकेत सामने आता है या नहीं। फिलहाल, पंचायती राज चुनावों की रणनीति दिल्ली में तय होने की चर्चाएं केवल राजनीतिक अटकलों के स्तर पर हैं। सरकार की ओर से ऐसी किसी रणनीति की पुष्टि नहीं की गई है। आने वाले दिनों में दिल्ली दौरे के परिणाम और सरकार के अगले कदम इन चर्चाओं

की दिशा तय करेंगे।