जयपुर नगर निगम चुनाव: BJP ने लिस्ट रोकी, उम्मीदवारों को आने लगे फोन; कुसुम यादव का टिकट कटा
जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने चयनित उम्मीदवारों को फोन पर टिकट की सूचना देना शुरू कर दिया है। कुसुम यादव का टिकट कटने की चर्चा है, जबकि ज्योति खंडेलवाल, सुनील कोठारी समेत कई पुराने चेहरों को मौका मिला है।
नगर निगम चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने के बजाय चयनित उम्मीदवारों को सीधे फोन पर सूचना देना शुरू कर दिया है। टिकट वितरण में कई पुराने चेहरों की वापसी हुई है तो कुछ बड़े नामों का पत्ता कटता दिखाई दे रहा है।सबसे बड़ा बदलाव जयपुर की निवर्तमान मेयर कुसुम यादव को लेकर सामने आया है। उनका टिकट कटने की बात है। उनकी जगह भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कोठारी को वार्ड नंबर 112 से उम्मीदवार बनाया गया है।
पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल भी मैदान में
जयपुर नगर निगम की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को भाजपा ने किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 110 से प्रत्याशी बनाया है।टिकट मिलने पर ज्योति खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगी और वार्ड की जनता के साथ मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम करेंगी।
महिला मोर्चा की अनुराधा माहेश्वरी को टिकट
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा माहेश्वरी को वार्ड नंबर 107 से उम्मीदवार बनाया गया है।कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए निवर्तमान पार्षद नीरज अग्रवाल को वार्ड 121 से मौका दिया गया है। वहीं नगर निगम समिति के पूर्व चेयरमैन भवानी सिंह राजावत को वार्ड 89 से प्रत्याशी बनाया गया है।
वार्ड 12 से निवर्तमान पार्षद रश्मि सैनी के पति राजेंद्र करोड़िया को उम्मीदवार बनाया गया है।
विमल अग्रवाल के टिकट पर खींचतान, सर्वे पड़ा भारी
वार्ड नंबर 135 से भाजपा ने विमल अग्रवाल पर फिर भरोसा जताया है। उनके टिकट को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद सामने आने की बात है।
बताया जा रहा है कि विधायक बालमुकुंद आचार्य और शहर अध्यक्ष अमित गोयल विमल अग्रवाल की उम्मीदवारी के पक्ष में नहीं थे। हालांकि पार्टी के सर्वे में उनका नाम सामने आने के बाद प्रदेश स्तर पर उनकी उम्मीदवारी को मंजूरी दी गई।
पूर्व शहर अध्यक्ष शैलेंद्र भार्गव भी चुनावी मैदान में
भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष शैलेंद्र भार्गव को भी नगर निगम चुनाव में उतारा गया है। उन्हें पूर्व मेयर अशोक लाहोटी से जुड़े रहे वार्ड नंबर 43 से उम्मीदवार बनाया गया है।
शैलेंद्र भार्गव इससे पहले हवामहल और सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा टिकट के दावेदार भी रह चुके हैं।
वार्ड 101 पर फंसा पेच
सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 101 को लेकर भाजपा में अभी सहमति नहीं बन पाई है।
विधायक गोपाल शर्मा ने पहले राजेश तांबी की पैरवी की थी। इसके बाद भाजपा मुख्यालय पर विरोध की स्थिति सामने आई। बाद में सुरेश गोयल का नाम प्रस्तावित किए जाने की बात सामने आई।
दूसरी तरफ पार्टी के सर्वे में मनोज मृदल का नाम मजबूत बताया जा रहा है। अलग-अलग नामों को लेकर सहमति नहीं बनने के कारण फिलहाल वार्ड 101 का टिकट होल्ड कर दिया गया है और इस पर दोबारा बैठक होने की संभावना है।
कुल मिलाकर भाजपा की रणनीति इस बार दिलचस्प है. लिस्ट बाहर नहीं आई, लेकिन टिकट के फोन पहुंचने लगे हैं। इससे पार्टी अंतिम समय तक बगावत और असंतोष को नियंत्रित करने की कोशिश करती दिखाई दे रही है। हालांकि आधिकारिक सूची या अधिकृत चुनाव चिह्न की पुष्टि के बाद ही सभी प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

