जिलों की सीमा में बदलाव पर अशोक गहलोत का हमला, बोले– राज्य सरकार का यह ‘तुगलकी फरमान’

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए बदलाव पर कड़ी नाराजगी जताई है।

जिलों की सीमा में बदलाव पर अशोक गहलोत का हमला, बोले– राज्य सरकार का यह ‘तुगलकी फरमान’

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए बदलाव पर कड़ी नाराजगी जताई है। गहलोत ने इस फैसले को लेकर राज्य सरकार पर जुबानी हमला बोलते हुए इसे ‘तुगलकी फरमान’ करार दिया। उन्होंने कहा कि बायतु को बाड़मेर जिले में और गुड़ामालानी व धोरीमन्ना को बालोतरा जिले में शामिल करने का निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तरह अतार्किक है।

अशोक गहलोत ने कहा कि इस फैसले से गुड़ामालानी क्षेत्र के लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। जिला मुख्यालय की दूरी कम होने के बजाय और ज्यादा हो गई है, जिससे आमजन को सीधा नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने इसे जनता के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि सरकार ने लोगों की सुविधा को नजरअंदाज किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिलों की सीमाओं में यह फेरबदल प्रशासनिक जरूरतों के बजाय राजनीतिक उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आगामी परिसीमन और सियासी समीकरणों को साधने के लिए लिया गया है, न कि जनता की सहूलियत को ध्यान में रखकर।

गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 7 अगस्त 2023 को बालोतरा को नया जिला बनाने की अधिसूचना जारी की गई थी। वहीं, 31 दिसंबर को जारी संशोधित अधिसूचना के बाद अब बालोतरा जिले में कुल 5 उपखंड, 9 तहसील और 5 उपतहसील शामिल होंगी। जिलों के पुनर्गठन के तहत गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंड को बालोतरा जिले में शामिल किया गया है।