राम मंदिर दान विवाद के बाद लौटा श्रद्धालुओं का भरोसा, रोजाना दान फिर पहुंचा 20 लाख रुपये के करीब

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले के बाद कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं के दान में बड़ी गिरावट आई थी। अब पारदर्शी व्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम लागू होने के बाद दान फिर बढ़कर 18-20 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है।

राम मंदिर दान विवाद के बाद लौटा श्रद्धालुओं का भरोसा, रोजाना दान फिर पहुंचा 20 लाख रुपये के करीब

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के कथित मामले में टिन्नू यादव समेत सभी आठ आरोपियों के घरों और अन्य ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और गहने मिलने की बात सामने आई है। इस पूरे विवाद के बाद भक्तों के बीच यह सवाल भी उठने लगा कि क्या राम मंदिर में मिलने वाले दान पर इसका असर पड़ा है।

आम दिनों में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को प्रतिदिन लगभग 15 से 20 लाख रुपये का दान मिलता था। लेकिन जून 2026 में कथित दान गबन का मामला सामने आने और एसआईटी जांच शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा कुछ समय के लिए डगमगा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान मंदिर को मिलने वाला दैनिक दान घटकर करीब 5 लाख रुपये तक पहुंच गया, यानी लगभग 72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

दान पेटियों में नकद चढ़ावा भी काफी कम हो गया था। बताया गया कि कई दिनों तक नकद दान एक लाख रुपये से भी नीचे पहुंच गया, क्योंकि जांच के चलते दान की गिनती और प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।

विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने दान संग्रह, गिनती और निगरानी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया। सख्त मॉनिटरिंग और बैंकिंग सिस्टम लागू होने के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा फिर लौटने लगा।

अब रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिर में रोजाना फिर से 18 से 20 लाख रुपये तक का दान पहुंच रहा है। वहीं, छुट्टियों और अधिक भीड़ वाले दिनों में यह आंकड़ा 22 से 24 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। अधिकांश दान अब सीधे बैंकिंग सिस्टम के जरिए जमा किया जा रहा है।

इस विवाद के बाद श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके में भी बड़ा बदलाव आया है। नकद चढ़ावे की जगह अब बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन और डिजिटल माध्यमों से दान करना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि इसे अधिक सुरक्षित और पारदर्शी माना जा रहा है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की कुल आय 327 करोड़ रुपये रही, जिसमें से करीब 153 करोड़ रुपये श्रद्धालुओं के दान के रूप में प्राप्त हुए।