घर खरीदना महंगा, लोन लेना भी भारी! 50 लाख की प्रॉपर्टी पर 4.63 लाख तक का एक्स्ट्रा खर्च
राजस्थान में 50 लाख के घर पर स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, मॉरगेज और होम लोन से जुड़े खर्च बढ़ रहे हैं। जानें खरीदार पर कितना अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
राजस्थान में घर खरीदना अब सिर्फ प्रॉपर्टी की कीमत तक सीमित नहीं रह गया है। मकान खरीदने के बाद रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी, बैंक प्रोसेसिंग और लोन से जुड़े दस्तावेजों का खर्च खरीदार के बजट को और बढ़ा रहा है। नई व्यवस्था में लोन दस्तावेजों पर 0.5 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस लगने से होम लोन लेने वालों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
50 लाख के घर पर 4.63 लाख तक अतिरिक्त खर्च
मान लीजिए कोई व्यक्ति राजस्थान में 50 लाख रुपए की प्रॉपर्टी खरीदता है। इस कीमत पर सरकारी स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर करीब 4.10 लाख रुपए खर्च हो जाते हैं। इसके बाद अगर खरीदार 40 लाख रुपए का होम लोन लेता है तो बैंक से जुड़े दूसरे खर्च भी जुड़ जाते हैं।
इनमें लीगल फीस, TIR यानी टाइटल इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट, प्रोसेसिंग फीस और मॉरगेज डीड की रजिस्ट्री जैसे शुल्क शामिल हैं। इन मदों पर करीब 53 हजार रुपए तक का अतिरिक्त खर्च बताया गया है। इस तरह प्रॉपर्टी की कीमत के अलावा कुल खर्च करीब 4.63 लाख रुपए तक पहुंच सकता है।
लोन पर भी रजिस्ट्रेशन फीस का बोझ
सबसे बड़ा सवाल अब लोन दस्तावेजों पर लगने वाली 0.5 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर उठ रहा है। खरीदार पहले ही बैंक को होम लोन की प्रोसेसिंग फीस देता है और इसके अलावा लोन पर ब्याज भी चुकाता है। ऐसे में सवाल यह है कि लोन प्रक्रिया के लिए बैंक चार्ज लेने के बावजूद दस्तावेजों की रजिस्ट्री के नाम पर अलग से शुल्क क्यों लिया जा रहा है?
नई व्यवस्था में खरीदार को मकान की रजिस्ट्री के साथ-साथ उस प्रॉपर्टी के बदले लिए गए लोन से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ रही है। यानी घर खरीदने के दौरान खर्च सिर्फ प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री तक सीमित नहीं रह जाता।
मॉरगेज डीड का खर्च भी बढ़ा
होम लोन लेने के दौरान बैंक प्रॉपर्टी को सुरक्षा के तौर पर मॉरगेज करता है। इसके लिए मॉरगेज डीड से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इस साल इसमें होने वाले खर्च में बढ़ोतरी ने खरीदारों की चिंता और बढ़ा दी है।
प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए इसका सीधा मतलब है कि उन्हें डाउन पेमेंट और मकान की कीमत के अलावा रजिस्ट्री तथा लोन से जुड़े शुल्क के लिए भी अलग से बड़ी रकम का इंतजाम करना होगा।
अतिरिक्त खर्च के लिए भी लेना पड़ सकता है लोन
जब मकान खरीदने के साथ सरकारी शुल्क और बैंक चार्ज लगातार बढ़ते हैं तो खरीदार के सामने एक और चुनौती खड़ी होती है। अगर उसके पास इन अतिरिक्त खर्चों के लिए पर्याप्त रकम नहीं है, तो उसे इसके लिए भी अतिरिक्त उधारी का सहारा लेना पड़ सकता है।
ऐसे में कुल अतिरिक्त खर्च करीब 10 लाख रुपए तक पहुंचने की स्थिति बन सकती है। यानी 50 लाख रुपए की प्रॉपर्टी खरीदने वाले व्यक्ति के लिए अतिरिक्त खर्च मकान की कीमत का करीब 20 प्रतिशत तक हो सकता है।
प्रॉपर्टी एक्सपर्ट ने बताई नई व्यवस्था की तस्वीर
प्रॉपर्टी एक्सपर्ट रितेश अग्रवाल के मुताबिक नई व्यवस्था में खरीदार को सिर्फ मकान की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं करनी होगी, बल्कि लोन से जुड़े दस्तावेजों के लिए भी अलग प्रक्रिया से गुजरना होगा।
उनके अनुसार लोन दस्तावेजों पर 0.5 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस लगने से होम लोन लेने वाले खरीदारों का कुल खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में घर खरीदने से पहले खरीदारों को प्रॉपर्टी की कीमत के साथ रजिस्ट्री, स्टांप, मॉरगेज और बैंक से जुड़े सभी शुल्क का पूरा हिसाब रखना जरूरी होगा।
घर खरीदने से पहले इन खर्चों का रखें ध्यान
राजस्थान में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को सिर्फ मकान की कीमत देखकर बजट तय नहीं करना चाहिए। उन्हें स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क, मॉरगेज डीड, लोन दस्तावेजों की रजिस्ट्री, लीगल फीस, TIR और बैंक की प्रोसेसिंग फीस जैसे खर्चों को भी कुल बजट में शामिल करना होगा।
यानी 50 लाख रुपए का घर खरीदने के लिए खरीदार को केवल 50 लाख रुपए की व्यवस्था करना पर्याप्त नहीं हो सकता। सरकारी शुल्क और बैंक से जुड़े अतिरिक्त खर्च मिलाकर शुरुआती वित्तीय बोझ काफी बढ़ सकता है।

