Rajasthan Strike: कचरे से पटे शहर, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, सरकार पर बढ़ा दबाव
राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। जयपुर समेत कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। जानिए कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और ताजा अपडेट।
जयपुर: राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल रविवार (28 जून) को दूसरे दिन भी जारी है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। नियमित सफाई नहीं होने से सड़कों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सफाई कर्मियों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती, भर्ती प्रक्रिया में वाल्मीकि समाज के लिए निर्धारित प्रावधान लागू करना और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करना शामिल है। उनका आरोप है कि कई दौर की वार्ता के बावजूद केवल आश्वासन मिले, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों ने तेज किया विरोध
प्रदेश के कई नगर निकायों के बाहर कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जयपुर के कुछ इलाकों में कर्मचारियों ने प्रतीकात्मक रूप से कचरा एकत्र कर विरोध भी दर्ज कराया। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट और लिखित फैसला नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

कई शहरों में दिख रहा असर
जयपुर के अलावा जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और अन्य शहरों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निकायों की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है, जबकि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच समाधान निकालने की उम्मीद बनी हुई है।
फिलहाल प्रदेशभर में लोगों की निगाहें सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं। यदि जल्द सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था का संकट और गहरा सकता है।

